आतंकियों को स्थानीय स्तर पर कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्हें एक क्षेत्र में घेर लिया गया है। पहले चलाए गए ऑपरेशन में भी समय जरूर लगा है, लेकिन आतंकियों को ढेर करने में सुरक्षा बलों ने सफलता पाई है।
पुंछ और राजोरी जिले के बॉर्डर पर स्थित पंगेई के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी पिछले दो-तीन माह से है। यह खुलासा पुलिस की राजोरी-पुंछ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता ने किया है। पांच सैन्य जवानों की शहादत और चल रहे ऑपरेशन पर डीआईजी ने कहा कि जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी दो-तीन माह से है। इनकी तलाश की जा रही थी, इसी दौरान सर्च पार्टी पर हमला हुआ है।
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डीआईजी ने कहा कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन पूरा ऑपरेशन एक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। आतंकियों को स्थानीय स्तर पर कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्हें एक क्षेत्र में घेरा लिया गया है। पहले चलाए गए ऑपरेशन में भी समय जरूर लगा है, लेकिन आतंकियों को ढेर करने में सुरक्षा बलों ने सफलता पाई है। इस बार भी दहशतगर्दों का सफाया कर दिया जाएगा।
डीआईजी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से एक बार फिर कांटैक्ट हुआ है। मुठभेड़ भी चली, लेकिन जंगल दुरूह होने की वजह से ऑपरेशन अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाया है। गौरतलब है कि आतंकियों की मौजूदगी दो स्थानाें पर पता चली है। यह दोनों इलाके पुंछ और राजोरी जिले की सीमा पर पड़ते हैं और एक ही रूट से जुड़े हुए हैं।