कश्मीर में इन दिनों तनाव का माहौल है। लगातार हो रही टारगेट किलिंग के खिलाफ शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। सूत्रों का कहना है कि इसी बैठक में यह फैसला हुआ कि शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया जाए।
कश्मीर में एक महीने से भी कम समय में लगातार हो रही रही टारगेट किलिंग और सात मई से अब तक नौ लोगों को निशाना बनाए जाने से फैली दहशत से आम लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए प्रशासन ने कमर कसी है। इसके लिए सरकार ने श्रीनगर के तमाम इलाकों में तैनात शिक्षकों को जिला मुख्यालय में ट्रांसफर या समायोजन कर दिया है।
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इसके अलावा टारगेट किलिंग को रोकने की रणनीति बनाते हुए घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों तथा पीएम पैकेज के कर्मचारियों को चार-पांच दिनों तक मूवमेंट न करने को कहा गया है। साथ ही हिंदू कर्मचारियों को भी घर पर ही रहने को कहा गया है। उन्हें दफ्तर न जाने की हिदायत दी गई है। घाटी के सभी जिलों के विभिन्न थानों से फोन कर मुलाजिमों तथा कश्मीरी पंडितों को हिदायत दी गई है। कुछ थानों ने बनाए गए व्हाट्सए ग्रुप पर भी यह मैसेज शेयर किया है।
कश्मीर में इन दिनों तनाव का माहौल है। लगातार हो रही टारगेट किलिंग के खिलाफ शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। सूत्रों का कहना है कि इसी बैठक में यह फैसला हुआ कि कश्मीरी पंडित शिक्षकों का ट्रांसफर जिला मुख्यालय में कर दिया जाए।
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हालांकि कश्मीरी पंडितों में सरकार के इस फैसले के खिलाफ नाराजगी है। उनका कहना है कि वह जिला मुख्यालय पर नहीं बल्कि जम्मू में ट्रांसफर चाहते हैं। उनका ये तबादला तब तक के लिए किया जाए जब तक कि हालात सामान्य नहीं हो जाते।