फारूक अब्दुल्ला ने कहा, यह दुर्भाग्य की बात है। मैं शहीद हुए जवानों के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि अगर इन चीजों को खत्म करना है तो दिल जीतने की बात करें। अगर वे दिल जीत लेते हैं, तो ये चीजें नहीं होंगी
श्रीनगर के बाहरी इलाके जेवान में जम्मू-कश्मीर पुलिस की बस पर हुए आतंकी हमले में दो जवान शहीद हो गए वहीं 12 जवान घायल हैं। इस हमले की हर ओर निंदा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के कुछ ही देर बाद इस पर जानकारी मांगी और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस मामले में जम्मू कश्मीर के तमाम नेताओं समेत पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का भी बयान सामने आया है। उन्होंने मामले में शोक व्यक्त करते हुए भारत सरकार पर भी निशाना साधा है।
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फारूक अब्दुल्ला ने कहा, यह दुर्भाग्य की बात है। मैं शहीद हुए जवानों के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि अगर इन चीजों को खत्म करना है तो दिल जीतने की बात करें। अगर वे दिल जीत लेते हैं, तो ये चीजें नहीं होंगी।
जब नेशनल कान्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला से जब पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के बीच पाकिस्तान के साथ बातचीत करना संभव है तो उन्होंने कहा, जब आप चीन से बात कर सकते हैं जो हमारे क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, जिसने जवानों को मार डाला... आप उनसे क्यों नहीं लड़ते? आप उनसे (चीन) बात कर सकते हैं लेकिन उनसे (पाकिस्तान) नहीं? क्यों?