सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने अपनी आने वाली पुस्तक में इस बात का दावा किया है। वह लेथपोरा में आतंकी हमले के दौरान सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत पर ‘कितने गाजी आए कितने गाजी गए’ शीर्षक से किताब लिख रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले इसे अंतिम रूप देने के लिए 26 जून, 2019 को राज्य का दौरा किया था। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने अपनी आने वाली पुस्तक में इस बात का दावा किया है।
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ढिल्लों ने 2019 में दक्षिण कश्मीर के लेथपोरा में आतंकी हमले के दौरान सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत पर ‘कितने गाजी आए कितने गाजी गए’ शीर्षक से यह किताब लिख रहे हैं।
पुस्तक में उन्होंने लिखा है, अमित शाह का वह दौरा उस अहम घोषणा के लिए पहले से तय था। मेरे पास देर रात 2 बजे फोन आया, जिसमें सुबह 7 बजे गृह मंत्री शाह से मुलाकात की सूचना दी गई।
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गृह मंत्री के साथ उस बैठक के बारे में ज्यादा खुलासा न करते हुए अपनी पुस्तक में श्रीनगर में सेना के 15वीं कोर के रणनीतिक प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने लिखा है कि बैठक की मेज पर बहुत से संवेदनशील और प्रमुख मुद्दों के अलावा स्वादिष्ट भोजन भी थे।