रोहिंग्याओं के सत्यापन की प्रक्रिया अब भी जारी है। हालांकि उतना तेजी से काम नहीं हो रहा। जिन रोहिंग्याओं की सूचना खुफिया विभाग के पास है, उनके नाम ढूंढना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि एक से दूसरी बस्ती में ये लोग चले गए हैं। अब इन बस्तियों में रहने वाले रोहिंग्या बाहर निकलने लगे हैं। रोजमर्रा की तरह यह लोग अपने कार्यों पर जाने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार नरवाल क्षेत्र में ही 4500 रोहिंग्या हैं, जबकि जम्मू में इनकी कुल संख्या 13 हजार के आसपास है। अब तक इन लोगों में से दो हजार का ही सत्यापन हुआ है, जबकि बाकी के लोग आगे पीछे चले जा रहे हैं। इसकी वजह से इनके सत्यापन में परेशानी आ रही है। उन्हीं रोहिंग्या बस्तियों में अब सिर्फ बच्चे और महिलाएं ही नजर आ रही हैं, यहां पर पहले सब लोग अपनी झुग्गियों के बीच दिनभर रहते थे।
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हालांकि अब यह लोग किसी से बात करना भी नहीं चाहते। कुछ महिलाओं से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। एसपी दीपक ढींगरा का कहना है कि रोहिंग्याओं का सत्यापन चल रहा है। इसमें अभी वक्त लगेगा, क्योंकि 13 हजार लोग हैं तो इनको ढूंढकर पता करना होगा। सिर्फ होल्डिंग सेंटर में ही रखे गए लोगों पर नजर रखी जा सकती है। बस्तियों में रहने वाले लोग कहीं न कहीं कामकाज के लिए निकल जाते हैं।