जम्मू। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला का एक बार फिर पाकिस्तान प्रेम उमड़ आया। कहा कि पाकिस्तान से बातचीत और दोस्ती करके ही जम्मू-कश्मीर में शांति कायम हो सकती है। वह अपने जम्मू दौरे के दौरान वीरवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोदी सरकार पर प्रहार करते कहा कि भाजपा और आरएसएस चुनाव जीतने के लिए नफरत फैलाने का काम करते रहे हैं। यूपी के चुनाव जीतने के लिए भी इसी हथकंडे को अपनाकर इस नफरत को जम्मू से फैलाया जा रहा है।
कहा कि भाजपा के कार्यकाल में टिटवाल में पाकिस्तान सरहद पर उन्हें पानी का मुआवजा दिया जाता था। दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। हमने तीन लड़ाइयां लड़ी हैं, लेकिन अगर भविष्य में कोई जंग होती है तो दोनों तरफ से गंभीर परिणाम होंगे और आम लोग ही मरेंगे। अगर आज दोनों देश साथ होते तो सियालकोट और यहां से लोग एक-दूसरे के पास जाते। दोस्ती में रहेंगे तो टैंकों और अन्य रसद पर जो पैसा खर्च किया जा रहा है उसे किसानों की गरीबी दूर करने के लिए दिया जा सकता है।
फारूक ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपाई मुसलमानों को मुसलमानों और हिंदुओं को हिंदुओं के इलाकों में ले जाते हैं, लेकिन इसका उलट होता तो अच्छा था। पिछला चुनाव बालाकोट के नाम पर जीता गया, लेकिन अब तक हमने क्या हासिल किया, क्या पाकिस्तान का कोई हिस्सा हमें मिला। इस देश का निर्माण लाखों लोगों की कुर्बानियां देकर हुआ है। देश के अधिकांश राज्यों का रहन-सहन और खानपान अलग है, लेकिन एक सोच रही है जिसने हिंदुस्तान को बनाए रखा है। नेकां ही जम्मू-कश्मीर को बचा सकती है। पार्टी के तीन हजार लोगों ने कुर्बानी दी, लेकिन हिंदुस्तान का झंडा नहीं छोड़ा।
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महंगाई और केंद्रीय मंत्रियों के
कश्मीर दौरों पर भी सरकार को घेरा
नेकां प्रमुख ने पूछा कि प्रधानमंत्री बताएं सिलेंडर गैस, पेट्रोल, दालों की कीमतें कहां है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि अनुच्छेद 35ए हटाया गया है न कि 370, जबकि वह झूठ बोलते हैं। कश्मीर में केंद्रीय मंत्रियों के दौरे गुलमर्ग और सोनमर्ग तक ही सीमित रहे। सरकार मीडिया की आवाज दबा रही है। प्रशासनिक तंत्र में आम लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। पंचायती नुमाइंदों को अधिकार नहीं दिए गए हैं। देश में भुखमरी बढ़ी है। इंदिरा गांधी के समय ग्रीन क्रांति लाई गई थी। भाजपा और आरएसएस वाले जितना भी कर लें भाईचारे को खत्म नहीं कर सकतेे। जम्मू के हर गांव में आरएसएस का आदमी है, लेकिन कश्मीर में ऐसा नहीं है, वे वहां भी जाएं।
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जम्मू-कश्मीर आकर बात करें सत्यपाल
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के रोशनी एक्ट पर दी टिप्पणी पर फारूक ने उन्हें चुनौती दी कि वह जम्मू-कश्मीर में आकर ऐसी बयानबाजी करें तो उन्हें उचित जवाब दिया जाएगा। वह अपने ही बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रदेश के पास नौ पावर प्रोजेक्ट थे, जिसमें तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा था कि आप दो और हमें सात दे दें, हमारा पैसा पूरा होने पर प्रोजेक्ट आपको दे देंगे। कहा- मैंने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की बिजली के लिए बिना किसी से परामर्श किए यह समझौता कर दिया था। इसमें हमें सावला कोट और बगलिहार प्रोजेक्ट मिले।
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डैमेज कंट्रोल में जुटे नेकां प्रमुख जम्मू संभाग के कई जिलों का कर रहे दौरा
- आगामी विस चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन का कार्यकर्ताओं को विश्वास दिला रहे
- जम्मू-जम्मू की बात करने वालों पर कसा तंज, बोले-नेकां शुरू से ही कश्मीर के साथ ही जम्मू को समान हक की पक्षधर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नेकां के पूर्व संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा, पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया और अन्य कई नेताओं के इस्तीफे के बाद जम्मू संभाग में पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए डैमेज कंट्रोल की कमान डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने खुद संभाली है। वह जम्मू संभाग के दौरे पर हैं और विभिन्न जिलों में पहुंचकर पार्टी को एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। आगामी दिनों में उनका राजोरी, कालाकोट, सुंदरबनी, मेंढर, पुंछ, सुरनकोट में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलना प्रस्तावित है। उनका यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी देखा जा रहा है।
रामबन दौरे के बाद शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में नेकां प्रमुख ने पार्टी के जिला, ब्लॉक प्रधानों के अलावा वरिष्ठ नेताओं से पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कहा कि आज कुछ लोग जम्मू जम्मू-जम्मू की बात कर रहे हैं, जबकि नेकां नेतृत्व शुरू से ही जम्मू-कश्मीर के लिए खड़ा रहा है। कश्मीर के साथ जम्मू को भी समान हक प्रदान किया गया। पार्टी के संभागीय स्तर के प्रमुख नेताओं के इस्तीफे के बाद जम्मू और सांबा में पार्टी के कई नेताओं ने साथ छोड़ा है। इसे देखते हुए अन्य जिलों में पार्टी कैडर को रोकने के लिए डॉ. फारूक खुद दौरे कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में नेकां बेहतर प्रदर्शन करेगी। प्रांत स्तर पर विभाजन की राजनीति करने वालों को जनता जवाब देगी। मौके पर पार्टी के संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता, वरिष्ठ नेता अजय कुमार सडोत्रा, अली मोहम्मद सागर भी थे।