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जम्मू-कश्मीरः पुलिस एसआई 2010 बैच की वरिष्ठता सूची खारिज, दोबारा बनाने के आदेश

Thu, 10 Dec 2020 03:49 PM IST
प्रशांत कुमार जेएनएफ, जम्मू
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जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की एक खंडपीठ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (कार्यकारी विंग) में 2010 बैच के सब इंस्पेक्टर की वरिष्ठता सूची को खारिज कर दिया है। कैट ने आदेश में कहा कि वरिष्ठता सूची बनाने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई वह पूरी तरह से गैर कानूनी, एकतरफा और नियमों के बिल्कुल विरुद्ध है। कैट ने लिखित और मौखिक परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर योग्यता के तहत नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं।

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कैट ने कहा है कि नई वरिष्ठता सूची में ट्रेनिंग कोर्स आधार नहीं होगा। अंतिम वरिष्ठता सूची को डीजीपी की ओर से 2019 में जारी किया गया था। जिसमें अभ्यर्थियों की क्रम संख्या 4 से 208 के  मामलों की चयन प्रक्रिया में योग्यता को कम पाया गया।
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न्यायिक सदस्य राकेश सागर जैन और प्रशासनिक सदस्य आनंद माथुर की खंडपीठ ने आदेश दिया कि 2000 और 2002 के बैच के सब इंस्पेक्टर की वरिष्ठता सूची तैयार करते समय योग्यता का पालन किया जाए। कैट ने एडवोकेट जसवीर सिंह जसरोटिया और सीनियर एडवोकेट पीएन रैना की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस मामले में ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया गया है, जिससे साबित हो कि सब इंस्पेक्टर बैच में सभी की प्रोबेशन अवधि समान नहीं है। रिकॉर्ड के अभाव में कैट इस नतीजे पर पहुंचा है कि सभी ने एक समय पर अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा किया है। लिहाजा वरिष्ठ सूची के मेरिट में प्रोबेशन पीरियड को आधार नहीं बनाया जा सकता।

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जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान कैट ने जम्मू-कश्मीर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि भर्ती, पदोन्नति और वरिष्ठता को लेकर नियम-कायदों में अव्यवस्था का आलम है। पुलिस प्रशासन नियमों को एकरूपता के साथ लागू करने में पूरी तरह से विफल रहा है। नियमों की अलग-अलग तरह से व्याख्या कर बनी अव्यवस्था के चलते ही चुनौती याचिकाओं की भरमार है। इसी वजह से अनिश्चितता का माहौल बना है, जिसे दूर करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
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