व्यावसायिक यात्री वाहनों में लगाया जाने वाला जीपीएस सिस्टम टैंपर प्रूफ होगा। इसके लिए रडार सर्विलेंस सिस्टम स्थापित किया जाएगा ताकि जीपीएस वाहनों की मानीटरिंग की जा सके। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसका नाम वाहन मित्र होगा। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय में इसको स्थापित किया जाएगा। सेंटर फार डेवलपिंग एडवांस कंप्यूटिंग इसे तैयार करेगा। एक अप्रैल तक सभी वाहनों में जीपीएस अनिवार्य होगा।
इसकी जानकारी परिवहन विभाग के आयुक्त सचिव असगर समून ने दी है। बताते चलें कि अमर उजाला ने पहले ही इस योजना के बारे बता दिया था। 19 जनवरी 2019 के अंक में व्यावसायिक यात्री वाहनों में अब जीपीएस अनिवार्य शीर्षक से खबर छापी थी। इसे लेकर मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों के बाहर चालक का नाम, उम्र, पता, संपर्क नंबर और फोटो भी लगी होगी।
बैठक में कई अन्य मुद्दों को लेकर भी चर्चा की गई। इनमें श्रीनगर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय का निर्माण कार्य तेजी से करना, जम्मू और श्रीनगर की रीजनल वर्कशाप को अपग्रेड करना, स्कूलों, ड्राइवरों, कंडक्टरों को रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक करने, परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने, निजी ट्रांसपोर्टरों को वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी देने, ट्रांसपोर्ट से संबंधित मामलों को समय पर सुलझाने के निर्देश भी दिए गए।