पीएमजीएसवाई की तर्ज पर स्थानीय और स्टेट हाईवे की थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन को प्रशासनिक परिषद की मंजूरी। डीपीआर से लेकर सड़क निर्माण तक राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ निगरानी करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में सड़कों की गुणवत्ता के लिए प्रशासनिक परिषद ने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। इस व्यवस्था के तहत एक तटस्थ एजेंसी स्थानीय से लेकर स्टेट हाईवे दर्जे वाली सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता जांच करेगी। सैंपलिंग और टेस्टिंग में निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने पर ही ठेकेदार को भुगतान होगा। खास बात है कि नई गाइडलाइन से नए निर्माण के अलावा पहले से बनाई गई सड़कों को भी जांच होगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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एलजी की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने नई गाइडलाइन की गुणवत्ता जांच एवं निगरानी व्यवस्था को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की तर्ज पर मंजूर किया है। इसमें सड़क परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, टिकाऊ सड़क निर्माण से जुड़े तमाम पहलुओं को भारतीय मानकों के तहत सुनिश्चित किया जाएगा। क्वालिटी कंट्रोल के लिए डिजाइन, इंस्पेक्शन और क्वालिटी कंट्रोल निदेशालय को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।
थर्ड पार्टी जांच पैनल में होंगे राष्ट्र स्तरीय विशेषज्ञ
सड़क परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और जांच के लिए जो पैनल होगा, उसमें राष्ट्र स्तरीय अनुभव वाले विशेषज्ञ भी होंगे। इसमें सरकार के अपने विभागों के इंजीनियरों को भी शामिल किया जाएगा। पैनल के विशेषज्ञ सड़क परियोजना की डीपीआर, टेंडरिंग आवंटन, जमीनी स्तर पर काम की लगातार निगरानी करेंगे।