जम्मू शहर में पुरानी पेयजल पाइपों को बदलने के लिए कागजी प्रक्रिया में ही करीब एक साल बीत गया। पिछले साल जून में टेंडर प्रक्रिया आरंभ हुई थी। अगस्त में साढ़े सात करोड़ रुपये वार्डों को मिले। सितंबर में प्रति वार्ड दस लाख के एस्टीमेट तैयार करने का प्रोसेस शुरू हुआ, जो दिसंबर तक चला। जनवरी से काम शुरू हुए।
जलशक्ति विभाग ने दावा किया था कि गर्मी से पहले पुरानी पाइपों को बदल देंगे। मगर हालात सभी के सामने हैं। पहले चरण में विभाग को 100 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी नहीं मिल पाया। वहीं, नगर निगम ने टाटा कंपनी की पाइपें बिछाने के निर्देश जारी किए थे।
इनकी मियाद 20 से 30 साल निर्धारित की है। पुराना शहर, न्यू प्लाट, मुट्ठी, नरवाल, गंग्याल, कुंजवानी, सतवारी और अन्य वार्डों में काम पूरा हो चुका है। 2018 में बने नए वार्डों में काम ही शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीण इलाकों को नगर निगम में शामिल किया था।
वार्ड नंबर 73 के पार्षद प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि पुरानी पाइपों को बदलने के लिए सदन में आवाज उठाई गई थी, पर काम शुरू नहीं हुआ। वार्ड नंबर 74 के पार्षद शौबत अली ने कहा कि एस्टीमेट ही बने, पर काम आरंभ नहीं हुआ। गर्मी में फिर टैंकर हायर कर लोगों की प्यास बुझाई जाएगी। वार्ड नंबर 75 के पार्षद धार सिंह ने कहा कि वार्ड को ज्यादा पैसा मिलना चाहिए था।