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बदल गया कश्मीर : अलगाववाद की निकली हवा, पाक परस्तों पर शिकंजा, घाटी में हर जगह तिरंगा

Fri, 06 Aug 2021 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

  • दो साल में आबोहवा बदल गई, न बंद-न कोई हड़ताल और न ही अब पाकिस्तानी झंडे
  • गायब होने लगे पत्थरबाज, अलगाववादियों को भी कश्मीरियों ने तवज्जो देना किया बंद
  • देश विरोधियों पर शिकंजा, सलाहुद्दीन के बेटों समेत दो दर्जन सरकारी कर्मचारी बर्खास्त
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370 से आजादी के दो साल पूरे होने पर खुशी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनुच्छेद 370 से आजादी के दो साल के भीतर ही कश्मीर की आबोहवा बदल गई। घाटी में अलगाववाद की हवा निकल गई। पाकिस्तान के इशारे पर निकलने वाले देश विरोधी सुर अब बंद हो गए। कश्मीर में दो साल के दौरान एक भी दिन बंद या हड़ताल नहीं हुई। शिकंजा कसते ही पत्थरबाज भी गायब होने लगे हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह आया कि अब तिरंगा कश्मीर में जगह-जगह फहरा रहा है। सरकारी भवनों से लेकर सहरद तक लहराता तिरंगा पाकिस्तान समेत दुनिया को संदेश दे रहा है। राष्ट्रीय पर्व पर गांव-गांव तिरंगा फहरने के साथ राष्ट्रगान गाया जाने लगा। पहले तिरंगा उठाने से लोग घबराते थे। 

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पांच अगस्त 2019 के बाद हुर्रियत की ओर से कश्मीर के किसी कोने से पाक परस्ती की आवाज नहीं उठी। न कोई मजलिस हुई, न सरकार के किसी फैसले के खिलाफ आवाज उठी और न ही पाकिस्तान के झंडे लहराए गए। हवा के बदले रुख को भांप अलगाववादी खेमे सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक की ओर से भी बंद का आह्वान नहीं किया गया। जुमे की नमाज पर अमूमन जामिया मस्जिद से होने वाली पत्थरबाजी इतिहास की बात हो गई। कुछ मौकों पर अलगाववादियों की ओर से बंद के पोस्टर चस्पा किए गए, लेकिन आम कश्मीरियों ने इसे कोई तवज्जो नहीं दी। युवाओं का अब पूरा ध्यान अपने करिअर पर है। 

बदलावों के बीच ही सरकार ने पाकिस्तान परस्त लोगों पर जबर्दस्त शिकंजा कसा। अलगाववादियों, आतंकवादियों से साठगांठ तथा पाकिस्तान के इशारे पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करना शुरू किया। इसी कड़ी में हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों की सरकारी सेवा समाप्त कर दी गई। हिजबुल आतंकी के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह को भी बर्खास्त कर दिया गया। देशविरोधी गतिविधियों में शामिल दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों की अब तक सेवा समाप्त की जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार पत्थरबाजी में शामिल होने पर सरकारी नौकरी और पासपोर्ट के लिए एनओसी न देने के फैसले से देश विरोधी तत्वों पर और नकेल कसेगी।
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अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं पर पहली बार कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं पर भी कार्रवाई की गई। जम्मू में रह रहे रोहिंग्याओं पर पहली बार कार्रवाई करते हुए लगभग 200 रोहिंग्याओं को होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया। इसके साथ ही यहां रह रहे सभी रोहिंग्याओं का वेरिफिकेशन भी किया गया। बताते हैं कि कोरोना काल की वजह से फिलहाल कार्रवाई स्थगित की गई है। आने वाले दिनों में और भी रोहिंग्याओं को होल्डिंग सेंटर भेजा जाएगा। 

जम्मू-कश्मीर में किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। देशविरोधी हरकत करने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा। वैसे भी अब लोग हकीकत समझ चुके हैं। खासकर युवा वर्ग को अपने करियर की चिंता है। वह नकारात्मक कामों के बजाय मुख्यधारा में रहकर सकारात्मक कार्यों को तवज्जो दे रहा है। 
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-दिलबाग सिंह, डीजीपी

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