श्रीनगर। अर्मेनिया की राजधानी येरेवन से बुधवार शाम इंडिगो की फ्लाइट से 110 भारतीय छात्र बुधवार देर रात दोहा पहुंच गए हैं। इनके वीरवार तड़के साढ़े तीन बजे दिल्ली पहुंचने की संभावना है। इन 110 छात्रों में से 90 कश्मीरी हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नासिर खुएहामी ने बताया कि बढ़ते इस्राइल-ईरान संघर्ष के बीच भारत ने ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की पहल की है। मंगलवार को उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के लगभग 110 भारतीय छात्र, जिनमें कश्मीर घाटी के 90 छात्र शामिल हैं, सफलतापूर्वक सीमा पार करके अर्मेनिया की राजधानी येरेवन पहुंच गए।
विदेश मंत्री के कार्यालय ने बताया कि भारत सरकार ने सभी के लिए टिकटों की निशुल्क व्यवस्था की थी। मंत्रालय से जानकारी मिली है कि कश्मीर के छात्रों की पूर्ण घर वापसी यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली से श्रीनगर तक के टिकटों की भी व्यवस्था की जा रही है।
छात्रों को बुधवार को सुबह 8:45 बजे येरेवन एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट से रवाना होना था। तकनीकी कारणों से उड़ान समय से नहीं निकल पाई। इसके बाद छात्रों को वीरवार सुबह भेजने की बात कही गई, लेकिन दोपहर बाद छात्रों को बुधवार शाम को भेजने का निर्णय लिया गया।
बुधवार शाम सभी 110 विद्यार्थियों को इंडिगो की फ्लाइट से दोहा के हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भेजा गया है। दोहा से वे
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट में सवार होंगे। इनके वीरवार तड़के साढ़े तीन बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंचने की संभावना है। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और छात्रों और अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि उनकी सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित हो सके।