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Jammu News: पर्यटकों को खूब भाती हैं कश्मीर की वादियां

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डल झील में शिकारे की सवारी का आनंद लेते पर्यटक। - फोटो : shrinagar news
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श्रीनगर। सैर कर दुनिया की गाफ़िल जिंदगानी फिर कहां, जिंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां... ख्वाजा मीर दर्द का शेर यह बताने के लिए काफी है कि पर्यटन जिंदगी को खुशगवार बनाने के लिए कितना जरूरी है। विश्व सैर सपाटा दिवस के अवसर पर अमर उजाला पेश कर रहा है, कश्मीर के कुछ खास पर्यटन स्थल।
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लाल चौक : कश्मीर की बात हो और श्रीनगर के लाल चौक का नाम न आए ऐसा हो नहीं सकता। दिन में भीड़भाड़ और रात में जगमगाते लाल चौक के सीने पर खड़ा घंटाघर अपने अंदर न जाने कितने राज छिपाए हुए है। पाकिस्तान समर्थित प्रदर्शनों से लेकर तिरंगा फहराने तक के घटनाक्रम का गवाह है यह घंटाघर। जो भी कश्मीर आता है एक बार लाल चौक के घंटाघर पर फोटो खिंचाने की चाहत जरूर रखता है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद ठिठके पर्यटन को भी सबसे पहले गति यहीं से मिली। सुबह से शाम तक यहां रौनक रहती है।
डल झील : श्रीनगर की डल झील की सुंदरता देखते ही बनती है। यहां आने के बाद पहला मन बनता है शिकारे की सैर का। शिकारे की सैर के साथ कश्मीरी परिधानों में फोटो सेशन, नावों में सजे फ्रूट चाट के काउंटर और नाव चालकों के अपनी चाट को बेचने का अंदाज पर्यटकों का दिल जीत लेता है। 200 रुपये की 15 फलों की चाट कुछ पर्यटकों को महंगी भले ही लगे, लेकिन कश्मीरियों का दिलकश अंदाज खरीदने के लिए मजबूर कर ही देता है। एक से डेढ़ घंटे की शिकारे की सैर जिंदगीभर की यादगार बन जाती है।
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पार्क : मुगल गार्डन, ट्यूलिप गार्डन, परी महल, चश्मे शाही, बादामवारी पार्क श्रीनगर के बड़े पर्यटन स्थल हैं। ट्यूलिप गार्डन की आभा मार्च-अप्रैल के डेढ़ महीने ही रहती है। रंग-बिरंगे ट्यूलिप को देखने के लिए यहां हजारों पर्यटक जुटते हैं। मुगल गार्डन, परी महल, चश्मे शाही पूरे साल पर्यटकों से गुलजार रहते हैं। बादामवारी पार्क में यूं तो काफी लोग घूमने जाते हैं, लेकिन मार्च में जब बादाम के फूल खिलते हैं तो यहां की खूबसूरती और बढ़ जाती है।

गुलमर्ग के प्रकृति और गंडोला में बर्फ के नजारे
गुलमर्ग अपने प्राकृतिक दृश्यों की वजह से मशहूर है। हरी-भरी घाटियां, बर्फ से ढके पहाड़, रंग-बिरंगे फूलों वाले पार्क और बर्फ पिघलने की वजह से बने झरने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। गुलमर्ग से गंडोला की राइड भी दिलकश है। गंडोला फेज-वन में बर्फ में स्कीइंग करने भी काफी पर्यटक जाते हैं। अपने शहर की गर्मी से परेशान होकर वादियों में आए पर्यटकों और बच्चों को बर्फ से खेलना भी खूब भाता है। जून में फेज-वन में बर्फ खत्म होने के बाद गंडोला फेज-दो में पर्यटक जाते हैं, हालांकि यहां ऑक्सीजन की थोड़ी कमी होने के कारण बच्चों को ले जाने से परहेज किया जाता है।

सोनमर्ग
सोनमर्ग में साल के 10 महीने बर्फ रहती है। साथ ही यहां की वादियाें, पार्क, झरने आदि की घोड़ों से सैर, जिपलाइन की सवारी पर्यटकों को खूब भाती है। बर्फ से ढके पहाड़ों में फोटोग्राफी, घुड़सवारी का अपना ही मजा है। सोनमर्ग से आगे लद्दाख जाने वाले मार्ग पर जीरो पॉइंट भी पर्यटकों को खूब लुभाता है। चारों ओर पहाड़ों के बीच बर्फ से खेलना, सेल्फी और रील बनाना सैलानियों को खूब पसंद है।

पहलगाम
पहलगाम की शान बेताब और बायसरन घाटी पर्यटकों को बहुत पसंद है। घुड़सवारी कर बायसरन घाटी जाना और वहां प्राकृतिक दृश्यों के बीच जिपलाइन की सवारी सैलानियों को खूब भाती है। हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद से जांच और सुरक्षा कारणों से बायसरन घाटी बंद है, लेकिन बेताब घाटी को खोल दिया गया है। मंगलवार से इसे खोला गया है, पर्यटक भी खूब आ रहे हैं। पहलगाम का बाजार ओर बाजार के पास पार्क भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं।
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