श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि हम कभी भी सिंधु जल संधि के पक्ष में नहीं रहे। यह प्रदेश के लोगों के लिए सबसे अनुचित दस्तावेज है। मुख्यमंत्री पहलगाम हमले के मद्देनजर शुक्रवार को विभिन्न पर्यटन, व्यापार और उद्योग निकायों के साथ एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमले के बाद भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम कर दिया। कई और सख्त निर्णय लिए हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने हमेशा यह माना है कि संधि सबसे अनुचित दस्तावेज रहा है। अब इसके मध्यम से दीर्घकालिक प्रभाव क्या होंगे, यह देखने के लिए हमें इंतजार करना होगा।
घोड़े वाले आदिल को सरकार करेगी पुरस्कृत
सीएम ने कहा कि सरकार घोड़े वाले सैयद आदिल हुसैन शाह की बहादुरी को पुरस्कृत करेगी। अब्दुल्ला ने कहा वह न केवल कश्मीरियत के बल्कि कश्मीरी आतिथ्य के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र के टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों ने शाह के परिवार को गोद लेने का फैसला किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या पर्यटन उद्योग के व्यापारिक घाटे पर कोई चर्चा हुई, मुख्यमंत्री ने कहा, इस समय हम रुपये और पैसे नहीं गिन रहे हैं। इस बैठक में किसी ने भी व्यापार के नुकसान पर शोक नहीं जताया। हमारी चिंता इस हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता और सहानुभूति व्यक्त करना है। उन्होंने कहा, जामिया मस्जिद में रखा गया दो मिनट का मौन उन सभी को जवाब है जो कश्मीरियों के खिलाफ जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे सकारात्मकता दिखाए।
कश्मीरियों के उत्पीड़न का मुद्दा गृहमंत्री के समक्ष उठाया
जम्मू कश्मीर के बाहर कश्मीरियों के उत्पीड़न की रिपोर्टों के बारे में, अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि छात्रों या व्यापारियों या अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, गृह मंत्रालय की ओर से एक एडवाइजरी जारी की जाएगी और गृह मंत्री ने खुद इस संबंध में कुछ मुख्यमंत्रियों से बात की है। मैंने अपने समकक्षों से भी बात की है और ऐसी जगहों पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हमले को लेकर सामूहिक आक्रोश और एकता उन लोगों को एक शक्तिशाली संदेश देती है जो भय और विभाजन फैलाना चाहते हैं।
सामूहिक आक्रोश और एकता विभाजनकारियों को सख्त संदेश
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद घाटी में सामूहिक आक्रोश और एकता उन लोगों को एक शक्तिशाली संदेश देती है जो भय और विभाजन फैलाना चाहते हैं। अब्दुल्ला की टिप्पणी यहां एसकेआईसीसी में कश्मीर के पर्यटन, यात्रा और व्यापार क्षेत्रों के व्यापारिक हितधारकों के साथ बातचीत में आई। यह बैठक पहलगाम के बायसरन में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद बुलाई गई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, हम सामूहिक रूप से पहलगाम आतंकी घटना की निंदा करते हैं, 26 निर्दोष लोगों की मौत पर शोक व्यक्त करते हैं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों से मिलने के दर्द का ज़िक्र करते कहा, इनमें से कई अपने हनीमून या पारिवारिक अवकाश पर कश्मीर आए थे। उन्होंने कहा, पर्यटन मंत्री के रूप में, मुझे उनके परिवारों से मिलना बेहद मुश्किल लगा। मेरे पास शब्द नहीं थे।