जम्मू। हाईकोर्ट ने कश्मीर में सैकड़ों संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। इनको नियमित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था पर नियुक्त यदि पात्र पाए जाते हैं तो जम्मू कश्मीर सिविल सेवा (विशेष प्रावधान) अधिनियम 2010 के तहत नियमितीकरण के हकदार हैं। न्यायाधीश संजीव कुमार एवं संजय परिहार की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे लेक्चररों के पदों की रक्षा की जानी चाहिए।
अदालत ने निर्देश दिया कि जिन मामलों में याचिकाकर्ता नियमितीकरण के योग्य हैं। उन मूल पदों को विवादित भर्ती विज्ञापनों से हटा दिया जाएगा बशर्ते कि वे पहले से भरे न गए हों। ये याचिकाएं तब दायर हुई थीं जब सरकार ने कश्मीर संभाग के कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था पर लेक्चररों और शिक्षण सहायकों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए विज्ञापन जारी किए। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि नई भर्ती मनमानी थी और इसमें उनकी सेवा और 2010 के कानून के तहत नियमितीकरण के अधिकार की अनदेखी की गई।