सांबा। अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को प्रधान सत्र न्यायालय ने दोषी करार करार देते हुए 30 दिनों के भीतर कोर्ट या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। कोर्ट के समक्ष पेश न होने पर आरोपी की चल अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई का आदेश भी सुनाया है।
मामला वर्ष 2020 को सांबा जिला के रामगढ़ थाने में दर्ज हुआ था। इसमें आरोपी अंकित कुमार निवासी वार्ड नंबर 8 कठुआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। चालान कोर्ट के समक्ष दायर किया गया। पुलिस ने आरोपी को काफी तलाशा, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। 28 जनवरी 2022 को न्यायालय ने 299 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया, लेकिन आरोपी जानबूझकर कानूनी कार्यवाही से बचता रहा और कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस याचिका पर आरोपी को अपराधी घोषित कर अभियुक्त को 30 दिन की अवधि में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्धारित समय में कोर्ट के समक्ष पेश नहीं होने पर धारा 84 सीआरपीसी के अंतर्गत आरोपी को अपराधी घोषित कर उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश दिए। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोर्ट नोटिस को आरोपी के घर के मुख्य द्वार और सार्वजनिक स्थानों पर लगवाया जाए। साथ ही नियमानुसार मुनादी भी कराई जाए।