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जम्मू-कश्मीर में 3500 सरकारी स्कूलों के विलय की तैयारी, प्रक्रिया अगले वित्त वर्ष से

Sun, 21 Mar 2021 01:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अरुण कुमार, जम्मू

सार

  • छात्रों की कम संख्या और किराए के भवन पर चलने वाले स्कूल होंगे मर्ज 
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विद्यार्थियों की कम संख्या और किराए के भवनों में चल रहे करीब साढ़े तीन हजार सरकारी स्कूलों के विलय की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग इस पूरी कवायद का खाका बना रहा है। दिलचस्प बात है कि विलय के लिए प्रस्तावित स्कूलों में से कई संस्थानों में बच्चों से ज्यादा स्टाफ तैनात है। ऐसे स्कूलों का निकटवर्ती अन्य स्कूलों में विलय किया जाएगा। विलय की प्रक्रिया को आगामी वित्त वर्ष से शुरू करने की कवायद चल रही है।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग विभिन्न जिलों में ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है। विलय प्रक्रिया के तहत बंद होने के लिए प्रस्तावित स्कूलों के विद्यार्थियों का दाखिला भी किसी अन्य स्कूल में शिफ्ट हो जाएगा। विद्यार्थी संख्या कम होने के चलते दूसरे स्कूल में व्यवस्था चलाने में दिक्कत नहीं होगी। साथ ही अध्यापकों का भी बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

नए स्कूलों की दूरी ज्यादा होने पर मिलेगी परिवहन सुविधा
विलय करने के बाद बच्चों और स्टाफ के लिए यदि नए स्कूल का फासला ज्यादा पड़ता है तो ऐसी सूरत में परिवहन सुविधा देने पर विचार चल रहा है। यह व्यवस्था प्राथमिकता से विचाराधीन है।
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जम्मू जिले में 100 स्कूलों का किया जा चुका है विलय
स्कूलों के विलय की प्रक्रिया पहले भी चलाई गई थी। अकेले जम्मू में ही करीब 100 स्कूलों का विलय किया गया है। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या 10 से 15 ही थी। शिफ्ट हुए स्कूलों की इमारतें जिला प्रशासन की ओर से पशुपालन, कृषि और पंचायतों को सौंपी गई हैं। अब प्रदेश भर में ऐसे सभी स्कूलों का विलय किया जाएगा। विभाग के 2015 के डेटा के अनुसार 3500 के करीब स्कूलों में या तो बच्चों की संख्या बहुत कम है या फिर स्कूल किराए के भवन में चल रहे हैं। जम्मू संभाग में ऐसे 1490 स्कूल हैं।

स्कूलों के विलय को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी स्कूलों की सटीक संख्या पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। नीतिगत फैसले के लिए प्रस्ताव को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
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- बीके सिंह, प्रशासनिक सचिव, जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग

 

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