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अब रिमोट से चलने वाले वाहन तलाशेंगे आईईडी, नष्ट भी किया जा सकेगा विस्फोटक

Thu, 04 Mar 2021 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू

सार

  • देश में ऐसे वाहन प्रयोग करने वाली पहली पुलिस फोर्स बनेगी जम्मू-कश्मीर पुलिस
  • पांच से 20 करोड़ रुपये तक हो सकती है एक वाहन की कीमत 
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रिमोट से चलने वाला आईईडी डिटेक्टर वाहन... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली आईईडी का अब रिमोट से चलने वाले वाहनों से पता लगाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस रिमोट से चलने वाले आधुनिक तकनीक वाले वाहन खरीदने जा रही है। 6 मार्च से इस प्रक्रिया का आगाज होगा। ऐसे वाहन इस्तेमाल करने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस देश की पहली पुलिस होगी। अब तक सेना चुनिंदा जगहों पर इस प्रकार के वाहनों का इस्तेमाल कर रही है। 

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सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आतंकी अब आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में नए वाहन इस प्रकार के हमलों को रोकने में कारगर साबित होंगे। सड़क या अन्य जगहों पर लगी आईईडी का पता लगाने के साथ इसमें लगी तकनीक आईईडी को निष्क्रिय भी कर सकेगी। इस समय बम निरोधक दस्तों की मदद से आईईडी का पता लगाया जाता है। बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञ ही इसे नष्ट भी करते हैं। 

पांच से बीस करोड़ रुपये तक होगी रेंज 
बताया जा रहा है कि बिना चालक रिमोट से संचालित इन वाहनों की कीमत पांच से 20 करोड़ तक हो सकती है। यह वाहन किसी भी जगह और किसी भी परिस्थिति में पहुंचने में सक्षम होंगे। पानी में लगाई गई आईईडी का भी यह पता लगा सकेंगे। कोरोना की वजह से खरीद प्रक्रिया शुरू करने में देरी हुई है। अब 6 मार्च को इसकी खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी दिन कंपनियां पुलिस महकमे को प्रजेंटेशन देंगी। इसके बाद तय होगा कि वाहन किस कंपनी से खरीदा जाएगा। 
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पुलवामा हमले के बाद लगातार आईईडी का इस्तेमाल 
वर्ष 2019 में 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर 200 से अधिक किलो आरडीएक्स वाली आईईडी से उड़ाने का मामला सामने आने के बाद लगातार प्रदेश में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। आतंकी संगठन लगातार आईईडी लगाकर सुरक्षाबलों को घात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दो साल में अब तक 40 बार से अधिक आईईडी मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं। 

आईईडी मिलने की बड़ी घटनाएं

  • 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ पर हमला
  • अप्रैल 2019 को बनिहाल में आईईडी से कार में बिस्फोट
  • 1 फरवरी को नगरोटा में मारे गए तीन आतंकियों द्वारा टीसीपी नगरोटा के पास लगाई आईईडी बरामद की गई
  • 7 फरवरी 2021 को जम्मू के बस स्टैंड और 6 फरवरी को सांबा में 14 आईईडी मिली
  • पुंछ, राजोरी, श्रीनगर हाइवे, अखनूर बार्डर पर पिछले दो साल में 40 से अधिक बार आईईडी मिल चुकी हैं 

प्रक्रिया पूरी होने के बाद खरीदे जाएंगे
खरीद के लिए नामी कंपनियों को जानकारी देने के लिए कहा गया है। कंपनियों का ब्योरा मिलने के बाद ही वाहन खरीद की डील को फाइनल किया जाएगा। वाहनों की संख्या और इसके तमाम फीचर फिलहाल नहीं बताए जा सकते।

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- रईस भट्ट, एआईजी, ट्रांसपोर्ट/प्रोविजन, पुलिस मुख्यालय।

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