जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में बताया कि योजना विभाग के कार्यों को वित्त विभाग को सौंपने के निर्णय की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए आवश्यक परिवर्तन लागू किए जाएंगे। उन्होंने यह बयान जाविद हसन बेग के पूरक प्रश्न के उत्तर में दिया।
सामान्य भविष्य निधि (जीपी) पर एक अन्य पूरक प्रश्न के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों को कभी-कभी उनकी धनराशि देने में देरी हुई, लेकिन हम समय निर्धारित करने पर काम कर रहे हैं। 2024-25 वित्तीय वर्ष के दौरान जीपीएफ के रूप में 5,476 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री कहा कि धन का आवंटन - चाहे राजस्व व्यय के लिए हो या पूंजीगत व्यय के लिए - व्यावसायिक नियमों और वैधानिक मानदंडों के अनुसार वित्त विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार में सभी विभागों के लिए धन का आवंटन बजट अनुमान, आवंटन और निगरानी प्रणाली (बीईएएमएस) के माध्यम से किया जाता है। यह वास्तविक समय पर पैसा आवंटन के लिए सबसे कुशल तंत्र है। संसाधन प्रवाह और व्यय की वास्तविक समय पर ट्रैकिंग को सक्षम करने के लिए बीम्स (बजट अनुमान, आवंटन और निगरानी प्रणाली), भुगतान प्रणाली, ऑन-साइट सुविधा का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड और ट्रेजरी नेट जैसे आईटी-सक्षम प्लेटफॉर्म लागू किए गए हैं। इसके इस बीच उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी विधायक वहीद पर्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि एनएचपीसी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जम्मू-कश्मीर में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के लिए कुल 28.674 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सीएसआर गतिविधियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और कौशल विकास, ग्रामीण विकास, खेल और आपदा प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। पर्रा ने कहा कि सीएसआर परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के दौरान विधायकों से परामर्श करन चाहिए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस सिफारिश से एनएचपीसी को अवगत कराएंगे।