राज्यस्थान में चल रहे कार्यक्रम में प्रदेश की ओर से उपस्थित अधिकारी और सदस्य
जम्मू। राज्यस्थान में चल रहे 12वीं क्षेत्रीय 3 आर और सर्कुलर इकोनामी फोरम एशिया कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम तीन से पांच मार्च तक होगा। यह आयोजन सतत विकास और संसाधन दक्षता को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रमुख मंच रहा। इस मौके पर आयुक्त डाॅ. देवांश यादव ने कहा कि डल झील खाद प्रसंस्करण इकाई स्टाल ने वाहवाही लूटी है। यहां पर अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों ने अन्य प्रोजेक्टों पर जानकारी दी है। इसमें अपशिष्ट प्रबंधन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था में अपनी अग्रणी पहलों पर प्रकाश डाला गया। डल झील संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण (एलसीएमए) ने मंच पर डल झील खरपतवार प्रसंस्करण इकाई का प्रदर्शन किया। इसकी नीति निर्माताओं, टेक्नोक्रेट और विशेषज्ञों ने इसकी तारीफ की।
यह परियोजना जलीय खरपतवारों को जैविक खाद और बायोगैस में परिवर्तित करती है। आवास और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर प्रतिनिधिमंडल ने अन्य प्रदेश और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के प्रतिनिधियों के सत्र में भाग लिया। मुख्य फोकस क्षेत्रों में वेस्ट-टू-वंडर टेक्नोलॉजीज, वेस्ट-टू-एनर्जी इनोवेशन और कम्युनिटी-लेड सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पर जानकारी ली।
समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
एक ऐतिहासिक कदम में श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट, एंड सस्टेन 2.0 के तहत एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत सरकार, फ्रांसीसी विकास एजेंसी और यूरोपीय संघ की एक संयुक्त पहल है। समझौता ज्ञापन 2030 तक जारी रहेगा। इसमें श्रीनगर को शून्य-लैंडफिल शहर में बदलने के लिए स्मार्ट संग्रह नेटवर्क और एआई-संचालित रीसाइक्लिंग हब सहित एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को लागू करने पर केंद्रित रहेगा।
1800 करोड़ मिलेंगे 18 शहरों को
स्मार्ट शहरों में एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवास मामले मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। देश के 14 राज्यों के 18 शहरों को लाभ पहुंचाने के लिए 1800 करोड़ रुपये को शॉर्टलिस्ट किया गया। 12वीं क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।