जम्मू। पुलिस हिरासत में व्यक्ति की मौत मामले में रियासी जिला उपायुक्त को उच्च न्यायालय ने निजी तौर पर पेश होने का आदेश दिया है। मौत मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे, जिसकी जांच पूरी होने पर जांच का मूल रिकार्ड न्यायालय में पेश किया जाना था, लेकिन 9 वर्षों से यह रिकार्ड नहीं सौंपा जा रहा है। हालांकि कई बार न्यायालय की ओर से इसके रिमाइंडर भेजे गए थे।
जानकारी के अनुसार मनोज कुमार नाम के व्यक्ति की पुलिस स्टेशन रियासी में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाया। तब तहसीलदार के नेतृत्व में न्यायिक जांच के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक इसकी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। न्यायाधीश राहुल भारती ने सोमवार को इस मामले से जुड़ी जांच पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि 2013 की एक रिट याचिका याचिकाकर्ता की कथित शिकायत से संबंधित है कि उसके पति को पुलिस हिरासत में मौत के घाट उतार दिया गया। अभी भी न्यायालय को जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। न्यायालय के पास याचिकाकर्ता के पति मनोज कुमार की मृत्यु के संबंध में की गई जांच के रिकॉर्ड के साथ उपायुक्त रियासी की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। लिहाजा जिला उपायुक्त रियासी रिकॉर्ड के साथ सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से 28 जुलाई को उपस्थित हों।