जम्मू। आठ साल से डीपीसी का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अमरनाथ यात्रा तक इंतजार करना होगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू शिक्षकों की डीपीसी की प्रक्रिया पर यात्रा के बाद ही काम कर पाएगा, क्योंकि डीपीसी कमेटी में शामिल पीओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अमरनाथ यात्रा में तैनात किया गया है। ऐसे में यात्रा खत्म होने के बाद प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने फरवरी 2014 में अंतिम बार डीपीसी की थी। इसके बाद डीपीसी नहीं होने से शिक्षक विभागीय पदोन्नति से वंचित थे। कर्मचारियों के प्रदर्शन और मांग के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू और श्रीनगर को डीपीसी करने को कहा था। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू की।
जम्मू संभाग में 32984 कुल टीचर हैं, जिन्होंने बीएड की है। बीएड करने वाले टीचर को पदोन्नति देकर मास्टर बनाया जाता है। विभाग ने 32984 में से 1909 की ही डीपीसी करने का फैसला लिया है। जिला मुख्य शिक्षा अधिकारियों से इन शिक्षकों की वरिष्ठता सूची मांगी है। इसके बाद प्रक्रिया पर कुछ समय तक काम चला, लेकिन अब प्रक्रिया धीमी हो गई।
स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू डॉ. रवि शंकर शर्मा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के बाद ही डीपीसी पर कुछ काम होगा। विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी अमरनाथ यात्रा में लगाई है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि पहले ही आठ सालों से पदोन्नति से वंचित हैं। अब जब विभाग ने डीपीसी करने का फैसला लिया है तो उसमें भी देरी हो रही है। विभाग को चाहिए कि वह समय पर डीपीसी करे ताकि शिक्षकों का मनोबल बना रहे और वह अपने कर्तव्य का अच्छे से पालन कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि विभाग जल्द सूची जारी करे ताकि अन्य शिक्षकों की डीपीसी भी समय पर हो सके।