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देश में भाजपा फिर मंदिर-मस्जिद की सियासत कर रही : उमर

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जम्मू। नेकां उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, देश में अयोध्या मामले पर फैसला आने के बाद शायद भाजपा ने कहा था कि अब मंदिर की सियासत नहीं की जाएगी, लेकिन देश में अब फिर नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। बेरोजगारी और दूसरे ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मंदिर मस्जिद की राजनीति की जा रही है। जम्मू-कश्मीर में पथराव की कमी के बीच घाटी में उड़ानें और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने को सामान्य स्थिति के संकेत के रूप में नहीं देखा जा सकता है। वर्तमान में कश्मीर में खासतौर पर अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उमर शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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उमर ने कहा कि लक्षित हत्याओं के बाद कश्मीरी पंडित नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हैं। पंडितों ने पीएजीडी के समक्ष अपनी सुरक्षा की बात रखी, जिसे उपराज्यपाल तक पहुंचाया गया है। ढाई साल पहले कहा गया था कि अनुच्छेद 370 सभी परेशानियों की जड़ है। इसे हटाकर बंदूक की सोच बदल जाएगी, लेकिन क्या बदलाव आया। हमारे समय लक्षित हत्याओं का सिलसिला रुक गया था, लेकिन आज कश्मीर में कहीं पर भी लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। खासतौर पर श्रीनगर और आसापास के इलाकों, उत्तर कश्मीर आदि में आतंकवाद खत्म हो गया था, लेकिन आज फिर वहां आतंकवाद पनप रहा है। कश्मीर फाइल्स से पहले भी लक्षित हत्याएं हो रही थीं, लेकिन फिल्म ने बेहतर माहौल बनाने में कोई भूमिका अदा नहीं की है। परिसीमन रिपोर्ट में बुनियादी मानकों की अनदेखी की गई। रिपोर्ट को 2020 की जनगणना के मुताबिक तैयार किया जाना चाहिए था, लेकिन इसमें 2010 की जनगणना और बुनियादी सच्चाई को परे रखकर निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप बदल दिया गया। यह सिर्फ भाजपा और उसके सहयोगी दलों को कश्मीर में फायदा देने के लिए किया गया है। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर का प्रयोग बंद करने से लोगों की भावनाओं पर असर पड़ेगा। इसलिए बीच का रास्ता निकालना चाहिए। इसमें सभी पक्षों से सलाह ली जानी चाहिए। लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध के बजाय उचित समय सारिणी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो चुनाव हो सकते हैं। अगर ऐसा नहीं है तो सरकार को मानना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर में 1996 से भी अधिक हालात खराब हैं। सरकार पुरानी परियोजनाओं को दिखाकर विकास के दावे कर रही है। महंगाई चरम पर है। उन्होंने कहा कि उनका पीर पंजाल का दौरा शेर-ए-कश्मीर भवन में संपन्न हुआ और जल्द वह उधमपुर, रियासी, कठुआ आदि का दौरा भी करेंगे।
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