जम्मू। कश्मीर में लक्षित हत्याओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाल कर राजभवन की ओर जाने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रेजीडेंसी रोड पर वेरिकेड लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर कश्मीर में बेगुनाहों की हत्याएं रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से कश्मीर में पंडितों और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार सुरक्षा के पुख्ता दावे कर रही है। राहुल भट की तहसील कार्यालय में घुसकर हत्या कर दी गई। प्रदर्शन में कई कश्मीरी विस्थापित भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।
कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि तहसील कार्यालय में राहुल भट की गोली मारकर हत्या करना सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। इतने सुरक्षित परिसर में अगर अल्पसंख्यकों को ऐसे निशाना बनाया जा रहा है तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार के कश्मीर में अल्पसंख्यकों और आम लोगों को सुरक्षा देने के दावे खोखले साबित हुए हैं। घाटी में हालात सामान्य होने के दावे कर के लोगों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। केंद्र सरकार को कश्मीर में बेगुनाहों खासतौर पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को उचित कदम उठाने चाहिए। मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि लक्षित हत्याओं से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि उपराज्यपाल प्रशासन विस्थापित लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय उन पर लाठियां भांज रहा है। पार्टी नेता मनमोहन सिंह ने कहा कि घाटी में आम लोगों को सुरक्षा प्रदान नहीं की जा रही है। प्रदर्शन में वेद महाजन, सरदार गजन सिंह, शादी लाल पंडिता और रवींद्र सिंह आदि मौजूद रहे।