जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल व स्वच्छता प्रदान करने के लिए अधिकारियों को मिशन मोड के तहत काम करने पर जोर दिया है। इस साल दिसंबर तक सभी घरों में नल से पानी की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। आम आदमी के लिए सुविधा सुनिश्चित करने को मजबूत संस्थागत व्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने मंगलवार को श्रीनगर में केंद्रीय मंत्रालय और प्रदेश के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर जल जीवन मिशन (जेजेएम) और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) की प्रगति की समीक्षा की।
केंद्रीय जल मंत्रालय की सचिव विन्नी महाजन ने जल जीवन मिशन और एसबीएम-ग्रामीण के कार्यान्वयन की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए भारत सरकार के इन प्रमुख कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विशिष्ट सिफारिशों का प्रस्ताव रखा। उपराज्यपाल ने कहा कि उक्त दोनों प्रमुख योजनाओं में आम नागरिकों के जीवन को बदलने की क्षमता है। ये दोनों योजनाएं सरकार की प्राथमिकता है। सभी घरों में नल से पानी पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता जेजेएम के तहत विभिन्न कार्यों के लिए निविदा और आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाएं। स्वच्छ भारत मिशन पर कार्यान्वयन में कमियों की पहचान करने के साथ स्वच्छता तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए। समाज में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए व्यापक आईईसी अभियान चलाया जाए। गांवों के स्तर पर वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रेवाटर प्रबंधन, प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने और स्वच्छता अभियान बनाने के लिए उपयुक्त तंत्र को लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलों में ओडीएफ प्लस उपलब्धि हासिल करने के लिए जन आंदोलन को बढ़ावा दिया जाए। इस दौरान मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, जलशक्ति विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार आदि मौजूद रहे।