जम्मू। बीएसएफ की ओर से बॉर्डर पर एंटी टनल अभियान शुरू किया गया है। ऐसी संभावना है कि सुंजवां में मारे गए फिदायीन हमलावर पाकिस्तान से किसी सुरंग के जरिए भारतीय सीमा में घुसे थे। पुलिस की ओर से यह दावा किया था कि आतंकी सीमा पार से हमले के एक दिन पहले ही घुसपैठ करके आए थे।
जानकारी के अनुसार जम्मू सेक्टर के 192 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर बीएसएफ ने एंटी टनल अभियान शुरू किया है। इसके तहत लोहे की रॉड के जरिए झाड़ियों में सर्च की जा रही है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष हथियारों के साथ बीएसएफ के जवान बॉर्डर की फेंसिंग से 400 मीटर तक चप्पा चप्पा खंगाल रहे हैं, ताकि यह देखा जाए कि कहीं सुुरंग खोदी तो नहीं गई है। हालांकि पिछले 5 दिन से शुरू किए गए इस अभियान के तहत कहीं पर कोई सुरंग नहीं मिली है।
बीएसएफ के एक अधिकारी का कहना है कि सीमा पर कहीं भी बाड़ नहीं कटी है, जिससे कि यह मान लिया जाए कि आतंकी इस तरह से घुसपैठ करके आए। रही बात सुरंग की तो इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने बीएसएफ का यह रूटीन अभियान बताया है। पिछले साल बीएसएफ ने कठुआ जिले के बॉर्डर पर दो सुरंग खोजी थीं, जबकि पिछले 10 साल में दस बार सुरंग खोजी गई है। यह सुरंग पाकिस्तान की ओर से बनाई गई, ताकि आतंकियों की घुसपैठ कराई जाए। बीएसएफ के एक अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान हमेशा से इस कोशिश में रहता है कि किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचाया जाए, लेकिन इसे विफल करने के लिए बीएसएफ के जवान सतर्क रहते हैं। इस 40 डिग्री के तापमान में भी हमारे जवान सीमा पर सतर्क हैं और दिन रात गश्त कर रहे हैं। सीमा पर पहुंचे कुछ पत्रकारों से बात करते हुए बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि वह हर तरह से जांच कर रहे हैं।