जम्मू। उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर से बाहर के वाहनों के पुन: पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग द्वारा जारी एक आदेश के संबंध में अवमानना याचिका पर हलफनामा दायर करने के लिए सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है।
शुक्रवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे और पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि परिवहन आयुक्त ने तथ्यों का एक बयान दायर किया है, लेकिन अदालत के निर्देशों के बावजूद एक हलफनामा दाखिल करने में विफल रहे हैं।
इससे पहले, परिवहन विभाग ने एक अवमानना याचिका में परिवहन आयुक्त द्वारा दायर एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें अदालत को सूचित किया गया था कि जम्मू-कश्मीर के किसी भी निवासी को वाहन को फिर से पंजीकृत करना होगा यदि वह जम्मू-कश्मीर के बाहर पंजीकृत है। बता दें कि उच्च न्यायालय ने कहा था कि उन वाहनों के मालिकों से नौ प्रतिशत टोकन टैक्स की कोई मांग नहीं की जाएगी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के बाहर से पंजीकरण के समय पहले ही कर का भुगतान कर दिया है।
नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश रद्द
जम्मू। उच्च न्यायालय ने सहयोगी अदालत के कर्मचारी शाहनवाज शाह को बर्खास्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि शाह को नौकरी से गैर हाजिर रहने के चलते बर्खास्त किया गया, जबकि उस समय वो प्रोबेशन पर था। जिस नियम के तहत उसे बर्खास्त किया गया, उक्त नियम के तहत यदि कर्मचारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उसे बर्खास्त नहीं किया जा सकता। लिहाजा उसे बर्खास्त करने का आदेश रद्द किया जाता है।