जम्मू। पीडीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि भाजपा सरकार सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने के लिए द कश्मीर फाइल्स फिल्म का प्रचार कर रही है। कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के कारणों की जांच के लिए पैनल बनना चाहिए। गुजरात और दिल्ली दंगों की जांच के लिए भी पैनल गठित होना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। जम्मू के बोहड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं के अधिवेषण को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में महबूबा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से केंद्र की सत्ता में विराजमान भाजपा ने कश्मीरी पंडित विस्थापितों के पुनर्वास के लिए कुछ नहीं किया। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वह सांप्रदायिक कार्ड के तहत फिल्म का प्रचार कर रही है। कश्मीरी पंडितों के साथ कश्मीर में जुल्म हुआ, इसका दुख सभी को है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान और भारत की बंदूकों से प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, मुस्लमानों की बेदर्दी के साथ हत्याएं हुई हैं। कई फर्जी मुठभेड़ों में मुस्लिमों को मारा गया।
अधिवेशन में पार्टी कार्यकर्ताओं से महबूबा ने कहा कि वह भाजपा की विभाजनकारी और खतरनाक राजनीति से सतर्क रहें। लोगों की बुनियादी समस्याओं का हल करने के बजाय भाजपा केवल नफरत और विभाजन का माहौल पैदा कर सत्ता में बने रहने की साजिश रचती रहती हैं। बेरोजगारी, महंगाई जैसी समस्याओं की तरफ भाजपा सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से जम्मू-कश्मीर के लोगों व राज्य की पहचान का संकट बना हुआ है। भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने का काम कर रही है। भाजपा केवल शराब और खनन माफिया को जम्मू में बढ़ावा देने का काम कर रही है। इस अवसर पर पूर्व सांसद महबूबा बेग, उपाध्यक्ष अब्दुल हमीद चौधरी, महासचिव अमरीक सिंह रीन, रशीद मलिक, बलवीर सिंह, राजिंद्र मन्हास, सतपाल चाढ़क, सोहित शर्मा, हरमीत सिंह, सुखविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।