जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कलाकारों को मंच और रोजगार भी उपलब्ध होगा। इसके लिए जम्मू-कश्मीर कला सांस्कृतिक और भाषा अकादमी अब तीन माह का सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार कर रही है। तीन महीने के कैलेंडर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। जम्मू और कश्मीर संभाग में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमें लोक कलाकारों को मंच मिलेगा। कोरोना के मामलों में कमी के बाद अकादमी बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन करवाएगी।
जम्मू-कश्मीर कला सांस्कृतिक और भाषा अकादमी मार्च तक का कैलेंडर तैयार कर चुकी है। जनवरी से कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अकादमी ने कार्यक्रम के आयोजन को फिलहाल टाल दिया है। अब हालात में सुधार होने के बाद दोनों संभागों में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन करने की तैयारी है। जम्मू-कश्मीर कला सांस्कृ तिक एवं भाषा अकादमी के सचिव राहुल पांडे ने कहा कि प्रदेश की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों को मंच देने के लिए अकादमी कई प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब अकादमी ने प्रदेश की लोक संस्कृति को ध्यान में रखकर तीन महीने का कैलेंडर तैयार किया है, जिसके तहत कार्यक्रम होंगे। इसमें हरण, जात्तर, कुड, भाख, छज्जा, गोजरी नृत्य आदि शामिल हैं।