जम्मू। जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) की ओर से आयोजित जूनियर सहायकों की सीबीटी परीक्षा शहर के तीन केंद्रों में तकनीकी खामी के चलते स्थगित कर दी गई। अब इसे 24 जनवरी को करवाया जाएगा। शहर में बनाए गए तीन केंद्रों में परीक्षा स्थगित होने पर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। तीनों केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों ने जेकेएसएसबी के खिलाफ प्रदर्शन किया और अव्यवस्था का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले ही कोविड और बर्फबारी के बीच दूरदराज के इलाकों से बड़ी मुश्किल से परीक्षा देने पहुंचे हैं, लेकिन अब उन्हें 24 तारीख को फिर आना होगा। इसके पीछे अव्यवस्था जिम्मेदार है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि इन तीन केंद्रों में सीबीटी परीक्षा के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह दस बजे था, लेकिन साढ़े दस बजे प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ जुटी रही। केंद्रों में अभ्यर्थियों को थर्मल स्कैनिंग के बिना ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद कई कंप्यूटर बंद होने लगे। अभ्यर्थियाें के रोष जताने के बाद केंद्र प्रबंधन ने परीक्षा को स्थगित कर दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने केंद्रों के बाहर आते ही जेकेएसएसबी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वैष्णवी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जम्मू कौशल विकास संस्थान में दोनों शिफ्ट की और ईशल ऑनलाइन सर्विस में दूसरी शिफ्ट की परीक्षा स्थगित हुई है। परीक्षा स्थगित होने के बाद भी केंद्रों के बाहर युवाओं की भीड़ जमा हो गई। प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।
अब 24 को होगी परीक्षा
जेकेएसएसबी ने ट्वीट कर सूचित किया कि इन तीन केंद्रों में तकनीकी खामी के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई है। अब इन्हीं केंद्रों में परीक्षा 24 जनवरी को होगी। सनद रहे कि कनिष्ठ सहायक, कैड्रेक्स क्लर्क, कैशियर, कंप्यूटर कनिष्ठ सहायक, स्टोर अटेंडेंट और वेलफेयर ऑर्गेनाइजर की सीबीटी परीक्षा 20, 21 और 24 जनवरी को तय की गई है। बुधवार को तीन परीक्षा केंद्रों को छोड़ कर अन्य में परीक्षा सामान्य रूप से आयोजित हुई।
अभ्यर्थी बोले-कोरोना और खराब मौसम में दोबारा कैसे आएंगे
जम्मू। पुंछ, राजोरी, डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़, पाडर, रामबन, बनिहाल, रियासी, उधमपुर और कठुआ आदि दूरदराज इलाकों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने जेकेएसएसबी पर अव्यवस्था का आरोप लगाया है। दूसरी शिफ्ट में परीक्षा देने आए राजोरी के सुरिदंर और इशान, कठुआ के हरनाम सिंह जसरोटिया और नोशेरा के इशान ने बताया कि कोविड नियमों का पालन नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों को साथ में बैठाया गया। सामाजिक दूरी भी दरकिनार रही। अंकुश शर्मा, सुरेश, स्वाति राजपूत और नेहा ने बताया कि दूरदराज इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा स्थगित होना चिंता का विषय है। अब परीक्षा रद्द कर दी गई है। कोरोना और बिगड़े मौसम के बीच सैकड़ों किलोमीटर दूर से फिर सफर करना संभव नहीं है। वहीं, इतने पैसे भी लेकर नहीं आए हैं कि होटलों में ठहर सकें। उन्होंने संबंधित जिलों में केंद्र बनाने की मांग की है। उन्होंने जेकेएसएसबी पर परीक्षा के आयोजन में विफल रहने का आरोप लगाया है। मौसम के ठीक होने तक परीक्षा नहीं करवानी चाहिए।