जम्मू। कोविड के कारण लगभग तीन वर्षों से स्कूल बंद हैं। शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन मोड पर चल रही हैं। ऑफलाइन कक्षाओं से दूर रहने पर बच्चों में पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में 100 दिन का पठन (रीडिंग) अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ अभिभावकों और अध्यापकों में पढ़ाई को बढ़ावा देना है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी 20 जिलों में इस कार्यक्रम को शुरू किया है। कार्यक्रम को तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में बाल वाटिका (प्री नर्सरी) से लेकर कक्षा दूसरी तक के बच्चे, दूसरे ग्रुप में कक्षा दूसरी से कक्षा पांचवीं और तीसरे ग्रुप में कक्षा पांच से आठवीं तक के बच्चों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम जनवरी पहली तारीख से शुरू हुआ और अप्रैल तक चलेगा। इसमें बच्चों के साथ अभिभावकों को जोड़ा जा रहा है। 100 दिनों के अभियान के तहत, प्रति सप्ताह प्रति समूह एक गतिविधि तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य पठन को सुखद बनाना है। पठन अभियान के साथ-साथ गतिविधियों के आयु उपयुक्त साप्ताहिक कैलेंडर पर एक व्यापक दिशानिर्देश तैयार किया गया है। इस पठन अभियान को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक मिशन के लक्ष्यों और दृष्टि के साथ भी जोड़ा गया है। कार्यक्रम के तहत होने वाली साप्ताहिक गतिविधियों को रोमांचक बनाने के लिए बच्चों को पढ़ाई करते हुए अपना एक वीडियो बनाने को कहा गया है।
प्रिंसिपल डाइट जम्मू रोशन लाल ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों में पठन क्षमता को बढ़ावा देना है। जम्मू जिले में कार्यक्रम की नोडल अधिकारी रचना गुप्ता ने कहा कि कोविड के कारण बच्चों में पठन क्षमता काफी कम हुई है। ये कार्यक्रम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया है, जो जम्मू जिले सहित प्रदेश के सभी जिलों में जारी है। ये कार्यक्रम ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड पर भी चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक बच्चों को एक स्थान पर बुलाकर इन गतिविधियों को करवा रहे हैं।