परिसीमन आयोग के जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में एक विधानसभा सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर प्रदेश में सियासत गर्मा गई है। जहां नेकां, पीसी, पीडीपी और अपनी पार्टी ने इस प्रस्ताव पर एतराज जताया है, कांग्रेस ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा इसका स्वागत कर रही है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रदेश के सांसदों के साथ परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का मसौदा व प्रस्ताव साझा किया है। हालांकि भाजपा को अभी प्रस्तावित रिपोर्ट की कोई प्रति नहीं मिली है, लेकिन अभी तक मिली सूचना के आधार पर लग रहा है कि आयोग ने प्रस्ताव तैयार करने में हर क्षेत्र को ध्यान रखा है और कड़ी मेहनत की है। नेकां, पीडीपी और कांग्रेस पूरे जम्मू कश्मीर की नहीं। केवल विशेष क्षेत्र की बात करती है।
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि परिसीमन आयोग केवल भाजपा के राजनीतिक हितों के लिए काम कर रहा है। धार्मिक व क्षेत्र के आधार पर लोगों को बांटकर पांच अगस्त 2019 को असांविधानिक व अवैध फैसलों को वैधानिक रूप देने के लिए भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरा गेम प्लान चल रही है।
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अपनी पार्टी के अध्यक्ष सईद अल्ताफ बुखारी का कहना है कि परिसीमन आयोग 2011 की जनगणना के आधार पर काम कर रहा है। ऐसे में जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में केवल एक विधानसभा की सीट बढ़ाया जाने का प्रस्ताव स्वीकार करने योग्य नहीं है। आयोग ने लोगों की जन आकांक्षाओं और मेरिट को दरकिनार किया है।
प्रस्ताव में 2011 की जनगणना के तहत जिला आधार पर क्षेत्र व जनसंख्या को ध्यान में नहीं रखा गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और मेरिट के आधार पर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन सुनिश्चित करवाने का अनुरोध किया है।