सोपोर मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर फैयाज अहमद वार समेत दो आतंकवादी का सफाया किया है। उधर, जम्मू में पुलिस ने पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने में सफलता पाई है। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही प्रमुख खबरें
उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के सोपोर के वारपोरा इलाके में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर फैयाज अहमद वार निवासी वारपोरा सोपोर समेत दो आतंकवादी मारे गए हैं। इस साल घाटी में लश्कर-ए-तैयबा से सबसे अधिक आतंकवादी मारे गए। फैयाज अहमद पर 10 लाख का इनाम घोषित किया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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हादसा टला पर खतरा नहीं: जम्मू-कश्मीर को दहलाने के लिए साथ आए दो आतंकी संगठन, इस नंबर ने खोली पोल
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ड्रोन के जरिए जम्मू, कश्मीर संभाग में धमाका और हथियार गिराने की साजिशें रच रहे हैं। इनके पास ड्रोन की अच्छी खासी तादात है। जम्मू से पहले कठुआ में मार गिराए ड्रोन(हेक्सा-कॉप्टर) की सिरीज इस बात की तस्दीक कर रही है। जैश-ए-मोहम्मद ने एक ही श्रृंखला के कई ड्रोन इकट्ठे किए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जनता को तोहफा: अब जम्मू-कश्मीर का हर घर होगा रोशन, उप-राज्यपाल की इस बात पर जरूर ध्यान दें
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10.11 करोड़ रुपये लागत की सात विद्युत परियोजनाएं जनता को समर्पित की। मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले तीन दशकों से यूटी के बिजली क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है। बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को निर्बाध आपूर्ति प्रदान करने में मदद मिलेगी। उप-राज्यपाल द्वारा उद्घाटन की गई नई परियोजनाओं में कश्मीर के चार जिलों को लक्षित किया गया है।पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू-कश्मीर: राजोरी में वायरलेस सेट समेत ये वस्तुएं बरामद, संदिग्धों की तलाश में अभियान जारी
सेना ने शुक्रवार सुबह राजोरी जिले के लंबेरी गांव में एक वायरलेस सेट और एके-47 का एक कारतूस बरामद किया। सेना की 63 राष्ट्रीय राइफल्स की एक पार्टी ने विशिष्ट सूचना पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पीडीपी ने कहा: अवैध तरीके से एक के बाद एक कानून थोपने का सिलसिला जारी
पांच अगस्त 2019 के बाद से ही एक के बाद एक कानून अवैध तरीके से थोपने का सिलसिला जारी है। इन कानूनों से फायदे या नुकसान अभी व्यक्तिगत या सामुदायिक फायदों पर तो चर्चा की जा सकती है, लेकिन असल मुद्दा यह है कि ऐसे कानून कौन ला रहा है और क्यों ला रहा है। इसी पर पीडीपी को ऐतराज भी है और पार्टी सवाल भी उठाती रहेगी। यह बात पीडीपी के प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें