जम्मू। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल ने वुलर लेक को समय पर साफ करने और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। जनहित याचिका वूलर झील के संरक्षण और प्रबंधन के संबंध में है। अदालत ने पाया कि वुलर झील में लगभग 640 कनाल पर अतिक्रमण किया गया है और इसे हटाने की आवश्यकता है। इसके अलावा यह दर्ज किया गया है कि केंद्र सरकार ने वुलर झील के संरक्षण और प्रबंधन के लिए 200 करोड़ स्वीकृत किए।
उपरोक्त के जवाब में मुख्य कार्यकारी निदेशक वूलर संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई रिपोर्ट को जमा करवाया गया। उक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि वूलर झील को पूरी तरह से भू-टैग के साथ सीमांकित किया गया है और झील की परिधि के चारों ओर कंक्रीट के सीमा स्तंभ तय किए गए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि वर्तमान में वुलर झील का शुद्ध क्षेत्र 130 वर्ग किलोमीटर है। 642 कनाल 1 मरला भूमि (लगभग 0.3 वर्ग किमी) पर अतिक्रमण किया गया था। उक्त अतिक्रमित भूमि में से लगभग 261 कनाल 10 मरला को पुन: प्राप्त कर लिया गया है और प्राधिकरण 380 कनाल 11 मरला (0.19 वर्ग किमी) के शेष को पुन: प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। - जेएनएफ