तीन साल से ज्यादा समय तक पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहीं महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 को तोड़ा तो बिल्कुल खत्म हो जाओगे। भाजपा के साथ रहे गठबंधन को महबूबा ने एक बार फिर जहर का प्याला पीने की बात को दोहराया।
जम्मू में पीडीपी के 19वें स्थापना दिवस समारोह में महबूबा मुफ्ती ने कुछ इस अंदाज में भाजपा और मोदी सरकार पर निशाना साधा। महबूबा ने कहा उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद 2002 से 2005 तक रियासत के मुख्यमंत्री रहे। उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। वाजपेयी ने मुफ्ती की सलाह पर पाकिस्तान से बातचीत की और इसका नतीजा रहा कि यहां अमन कायम हो गया। रियासत के हर क्षेत्र में विकास हुआ। वाजपेयी सरकार के जाने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान के साथ संबंध खराब हुए और इसका असर रियासत पर सीधा पड़ा।
2014 विधानसभा चुनाव में पीडीपी को कश्मीर में 28 और भाजपा को जम्मू में 25 सीटें हासिल हुईं। मुफ्ती मोहम्मद सईद ने केंद्र में मोदी सरकार को मिले भारी जनमत को देखते हुए रियासत में भाजपा से गठबंधन किया ताकि यहां हालात सुधर सकें। हालांकि यह जहर पीने के बराबर था, लेकिन बड़ी सोच के साथ यह फैसला लिया, लेकिन वाजपेयी की तरह इस बार कुछ नहीं हुआ। दिल्ली सरकार अब कहती है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद बंद नहीं करता कोई बात नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा से गठबंधन की वजह से कश्मीर में गुस्सा उत्पन्न हुआ। दस माह मुफ्ती सईद ने जहर पिया और दो साल और दो महीने मैंने तकलीफ सही। इसके बावजूद दो साल में उनसे जो हो सकता किया। मुफ्ती सईद के विजन के साथ कोई समझौैता नहीं किया। बदकिस्मती से कश्मीर में हालात बिगड़े और कठुआ में रसाना कांड हुआ। मैंने कोई समझौता नहीं किया। दुष्कर्मी का कोई धर्म नहीं होता। अब 370 कहना बंद करो। 370 को तोड़ोगे तो बिल्कुल खत्म हो जाओगे।
जम्मू के साथ भेदभाव नहीं किया
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए कोई भेदभाव नहीं किया। जितना कश्मीर को मिला उतना ही जम्मू और लद्दाख में देने का प्रयास किया। जम्मू कश्मीर में हालांकि विकास की बात नहीं होती कितने लोगों की मौत हुई उसकी बात होती है। दो साल तक मैं लड़ी। दिल्ली में एजेंडा आफ अलायंस लागू कराने के लिए लड़ी और कश्मीर में हालात दुरुस्त करने के लिए। गुज्जरों के हित में कानून लाने का प्रयास किया तो भाजपा ने अड़ंगा डाला। इसलिए जनजातीय कमेटी की बैठक में फैसले लिए कि गुज्जरों को जहां पर वह बैठे हैं कोई नहीं हटा सकता।
गर्मी से महबूबा को आया चक्कर
गांधीनगर में पार्टी मुख्यालय के बाहर टेंट लगाकर आयोजित किए गए समारोह में गर्मी ज्यादा होने की वजह से महबूबा मुफ्ती अपना भाषण लंबा नहीं कर सकीं। भाषण के दौरान ही उन्हें चक्कर आ गया, और उन्हें कुर्सी पर बिठाया गया। इसके कुछ देर बाद महबूबा ने कहा कि उन्हें गर्मी में चक्कर आ जाता है और फिर उन्होंने अपने भाषण को शार्ट कट में निपटा दिया।
विधानसभा भंग कर चुनाव कराए जाएं
पूर्व मंत्री एवं पीडीपी नेता चौधरी जुल्फकार अली ने कहा कि रियासत में विधानसभा भंग कर ताजा चुनाव कराए जाएं। पीडीपी अपने बलबूते पर सरकार बनाकर बताएगी। पीडीपी ने सत्ता में रहते हुए जो किया है उससे रियासत की जनता का विश्वास पीडीपी पर बढ़ गया है।