उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की बिजली उत्पान बढ़ाने के साथ अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कार्यशालाओं में मंथन जरूरी है। दूरदराज के इलाकों में सिगनल कैसे पहुंचे। इस पर भी विचार करने की जरूरत है। यह बातें राजकीय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जम्मू में दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में एलजी मनोज सिन्हा ने कही।
उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन करने के साथ कॉलेज में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के भवन की आधारशिला भी रखी। उन्होंने कहा, वर्तमान के शिक्षाविद भविष्य के उद्योग हों, वह समय नजदीक आ गया है। आज का क्लासरूम हमारे देश में भविष्य का कारखाना होना चाहिए। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. समेरू शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों से रूबरू कराना है। छात्रों को शिक्षाविदों से बातचीत करने, विचार-विमर्श और अपने विचार रखने का मौैका देना है।
कार्यशाला में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक परिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने के लिए छात्रों को प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यशाला जम्मू-कश्मीर में छात्र, उद्योग, स्टार्टअप के कार्य मॉडल, व्यवसायिक योजनाओं, अत्याधुनिक तकनीकों और उपलब्धियों का अवसर देगी। मौके पर जम्मू की डीसी अवनी लवासा व अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
खुद को अपडेट रखने के लिए प्लेटफार्मों को उपयोग करें
आईआईटी खड़गपुर के प्रो. राजदत्ता ने कॉलेज के मौजूदा बुनियादी ढांचे के विकास, डिग्री पाठ्यक्रम (एमटेक) शुरू करने आदि की प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने छात्रों को तकनीकी ज्ञान, कौशल बढ़ाने और दुनिया भर में नई तकनीकी घटनाओं के साथ खुद को अपडेट रखने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों का उपयोग करने की प्रेरणा दी है।उन्होंने आश्नासन दिया कि संयुक्त अनुसंधान पहल में उनके संस्थान की ओर से पूरा समर्थन किया जाएगा।