मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग को आवश्यक इंतजाम करने की दी हिदायत। यह आम लोगों की सुविधा के लिए है ताकि वह अपने जमीन संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां रख सकें।
जम्मू-कश्मीर में अब भूमि पासबुक तीन भाषाओं में होगा। जमीन के मालिक को पासबुक हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओं में मिलेंगी। यह आम लोगों की सुविधा के लिए है ताकि वह अपने जमीन संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां रख सकें। मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने राजस्व विभाग को हिदायत दी कि वह लोगों की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए राजस्व रिकॉर्ड तक लोगों की पहुंच को आसान बनाए।
बताया गया कि अपनी जमीन अपनी निगरानी के तहत पिछले छह सप्ताह में सवा तीन लाख लोगों ने राजस्व दस्तावेजों को देखा है। ज्ञात हो कि मुख्य सचिव ने 26 जनवरी 2022 से पासबुक का वितरण शुरू करने को कहा है। साथ ही जम्मू व श्रीनगर में 31 मार्च और शेष जिलों में 15 अगस्त तक इसे पूरा करने को कहा है।