जम्मू। घाटी में लगातार खराब हो रहे हालात पर कश्मीरी पंडितों ने इस बार आठ जून को गांदरबल के तुलमुला स्थित मां राघन्या खीर भवानी मेले में नहीं जाएंगे। यह फैसला मंगलवार को खीर भवानी अस्थापन ट्रस्ट जम्मू की बैठक में लिया गया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष काका भान ने कहा कि घाटी में लगातार लक्षित हत्याएं हो रही हैं। सरकार कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को सुरक्षा नहीं दे पा रही। हर साल छह जून को बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित जम्मू से तुलमुला के लिए रवाना होते हैं। इसमें नगरोटा, मुट्ठी सहित अन्य स्थानों से जत्था जाता है, लेकिन इस बार जत्था नहीं जाएगा। वहीं, माता खीर भवानी यात्रा वेलफेयर सोसायटी ने भी अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। सोसायटी रामबन और माता खीर भवानी मंदिर में लंगर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाती है, लेकिन इस बार किसी भी प्रकार का लंगर नहीं लगेगा। सोसायटी के महासचिव पिंटू ने कहा कि सभी सदस्यों के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया है। जगती टेनमेंट कमेटी सोन कश्मीरी ने भी मेले में नहीं जाने का फैसला लिया है। फ्रंट के अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने कहा कि घाटी में हालात 1990 से भी खराब हैं, इसलिए हमने इस बार तुलमुला न जाने का फैसला लिया है।
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हिंदू महिला शिक्षक की हत्या पर जताया रोष
जम्मू। कश्मीरी पंडित सभा ने कुलगाम में शिक्षिका की हत्या पर रोष जताया। सभा के अध्यक्ष केके खोसा ने कहा कि एलजी प्रशासन के तमाम आश्वासन के बावजूद घाटी में आतंकी हमले नहीं थम रहे। पीएम पैकेज के तहत घाटी में तैनात कश्मीरी पंडित कर्मचारी की हत्या के बाद अब सांबा जिले की कुलगाम में तैनात शिक्षिका की हत्या कर दी गई, जो निंदनीय है। ब्यूरो