बजट में प्राथमिक जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसी तरह कैपेक्स बजट के तहत सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों की 20 अप्रैल 2024 तक बीईएएमएस पोर्टल पर कार्य योजनाओं (परियोजना/कार्य/गतिविधियों)को अपलोड करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसी तरह जिला विकास आयुक्त 30 अप्रैल तक जिला योजनाओं (परियोजना/कार्य/गतिविधि वार) की रूपरेखा तैयार करेंगे।
प्रत्येक जिले के सीपीओ (एस)/एडी (एस) निर्धारित समय में बीईएएमएस पोर्टल पर जिला सेक्टर परियोजनाओं को अपलोड करेंगे। इसमें चालू और नए कार्यों को करवाने की प्राथमिकता होगी। नए कार्यों और गतिविधियों को एक या दो साल में पूरा करना होगा, जिसमें बड़े प्रोजेक्टों में निर्धारित सीमा बढ़ाकर तीन वर्ष तक की जा सकती है। विभाग बीईएएमएस पर सेंटर और यूटी शेयर को सुनिश्चित करेंगे।
सभी कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी लेना जरूरी होगा। सभी सरकारी लेनदेन इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से किए जाएंगे। सरकारी कार्यालयों में किसी भी नकद लेनदेन को शामिल नहीं किया जाएगा। इस प्रकार जारी की गई धनराशि का उपयोग केवल संबंधित प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।विभाग आवंटित धनराशि से व्यय सुनिश्चित करेंगे।
सभी विभाग व्यय की एक समान गति सुनिश्चित करेंगे, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में व्यय की कुल सीमा 30 प्रतिशत होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम माह के दौरान सीमित 15 प्रतिशत ही बजट आवंटन होगा। सभी लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत प्रदान की गई धनराशि का वितरण किया जाएगा। 100 प्रतिशत आधार सीडिंग के साथ डीबीटी मोड के माध्यम से (लाभार्थी और दोनों) को लाभ मिलेगा, जिसकी समीक्षा प्रत्येक प्रशासनिक सचिव द्वारा की जाएगी।
आकस्मिक और आवश्यकता आधारित श्रमिकों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लागू रहेगा
मासिक आधार और लाभार्थी-वार रिपोर्ट डीबीटी पर अपलोड की जाएगी। स्वीकृत किए गए कार्यों का क्रियान्वयन सख्ती से किया जाएगा। परियोजनाओं/योजनाओं को सख्ती से निष्पादित और पूरा किया जाएगा। आकस्मिक श्रमिकों, आवश्यकता आधारित श्रमिकों आदि की नियुक्ति पर प्रतिबंध लागू रहेगा। सभी विकास/कैपेक्स रिलीज ऑर्डर प्रशासनिक विभागों द्वारा संबंधित नियंत्रक को जारी किया गया।