जम्मू कश्मीर विधानसभा का विशेष सत्र 17 जून से श्रीनगर में होगा। इस विशेष सत्र में जीएसटी विधेयक को चर्चा के बाद पारित किया जाएगा, ताकि यह कानून का रूप ले सके। जीएसटी कानून एक जुलाई से पूरे देश में लागू होना है। जीएसटी से रियासत को 60 से 70 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
कैबिनेट ने बुधवार को विधेयक के ड्राफ्ट के मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने कहा कि देश के जीएसटी कानून को रियासत में विस्तार के लिए अलग कानून की जरूरत है। संवैधानिक, प्रशासनिक और वैधानिक रूप से यह जरूरी है। सदन में इन तीनों पहलुओं पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से अनुच्छेद 370 पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि रियासत के पास संविधान के तहत अलग कर कानून बनाने का अधिकार है। जम्मू कश्मीर का अलग संविधान भी है। रियासत सरकार जीएसटी के अनुभवों की 5 साल बाद समीक्षा करेगी। द्राबू ने कहा कि अगर जीएसटी लागू नहीं हुआ तो रियासत में कोई व्यापार ठीक तरीके से नहीं चल पाएगा, क्योंकि तब दो तरह के टैक्स हो जाएंगे। जीएसटी वैट का संशोधित रूप है जिसमें कोई टैक्स रियायत नहीं होगी।