Government of Jammu and Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्तियों में प्रतीक्षा सूची तैयार करने का प्रावधान बहाल कर दिया गया है। यह फैसला सोमवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में किया गया।
प्रशासनिक परिषद (एसी) की बैठक में सात सितंबर 2023 के अपने पूर्व के फैसले पर पुनर्विचार को मंजूरी दे दी गई। यह व्यवस्था जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग, जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड समेत अन्य सभी भर्तियों में लागू होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भर्ती एजेंसियों को उन चयनित सूचियों के लिए छह महीने के भीतर प्रतीक्षा सूची तैयार करने के लिए एक बार की छूट दी जाए, जो पूर्ववर्ती निर्णय के बाद जारी की गई हैं।
हालांकि यह इस शर्त के अधीन होगा कि ऐसी प्रतीक्षा सूची चयन सूची की वैधता अवधि के भीतर तैयार की गई है और चयनित उम्मीदवारों के शामिल न होने के कारण रिक्तियों को फिर से विज्ञापित नहीं किया गया है। इस निर्णय से रिक्तियों को समय पर भरने में मदद मिलेगी। साथ ही रिक्तियों को दोबारा रेफर करने में होने वाली देरी से बचने, बाद के चयनों में लगने वाले समय में कमी और उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा प्राप्त करने से पहले रोजगार सुरक्षित करने जैसे अतिरिक्त लाभ भी मिलेंगे।
बैठक में उप राज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, उप राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप कुमार भंडारी थे। ज्ञात हो कि प्रतीक्षा सूची प्रावधान को हटाए जाने के बाद अभ्यर्थी आंदोलनरत थे। साथ ही उन्होंने इसे व्यापक हित में बहाल करने की मांग की थी।