नए साल पर बड़े हमले को अंजाम देने आए चार आतंकियों को सुरक्षा बलों ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर जम्मू के सिद्दड़ा पुल के पास बुधवार की सुबह ढेर कर दिया। यह आतंकी एक ट्रक से कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। भूसे से लदे ट्रक को सिद्दड़ा नाके पर रोका गया तो भीतर छिपे आतंकियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आतंकी मारे गए। ट्रक का चालक फरार हो गया है। ट्रक में आतंकियों के छिपने के लिए बनाई गई जगह से 7 एके 47, एक एम 4 अमेरिकन कार्बाइन राइफल, 10 हैंड ग्रेनेड, 3 पिस्टल, 15 मैगजीन, 50 हजार की नकदी, 300 कारतूस, आधा लीटर केमिकल, पाकिस्तान में बने चाकलेट, बिस्कुट, दर्दनाक निवारक दवाइयां बरामद की गई हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने कठुआ या सांबा जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी जगह से घुसपैठ की और ट्रक में छिपकर कश्मीर घाटी जा रहे थे। आतंकियों के छिपने के लिए ट्रक में ठिकाना बनाया गया था। बुधवार सुबह साढ़े सात बजे पुल के पास नाके पर तैनात सेना और पुलिस के संयुक्त नाके पर इस ट्रक को पूछताछ के लिए रोका गया। जैसे ही तलाशी शुुरू हुई तो ट्रक के अंदर से आतंकियों ने फायरिंग कर दी। इसी दौरान ट्रक का चालक फरार हो गया।
सूत्रों का कहना है कि मारे गए आतंकी सीमा पार से आए थे। आतंकी पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद के बताए जा रहे हैं। इन आतंकियों को ले जाने के लिए कश्मीर का हैंडलर आया था। आतंकियों की मंगलवार और बुधवार की रात सीमा से घुसपैठ होने की आशंका है, जिन्हें तड़के सांबा के नजदीक ट्रक में बैठाया गया। ट्रक में पहले से आतंकियों के छिपने के लिए ठिकाना बनाया गया था। ट्रक में भूसा भरा था, लेकिन इसके बीच ही बोरियों को चारों तरफ रखकर आतंकियों के छिपने की जगह बनाई गई थी।
जिस ट्रक में आतंकी लाए गए, उसका नंबर (जेके18-1226) कुलगाम के गुलाम मोहम्मद खान के नाम पर रजिस्टर्ड है। बताया जा रहा है कि ट्रक के इंजन व चेचिस नंबर के साथ छेड़छाड़ पायी गई है। इस ट्रक पर काफी कुछ पंजाबी में लिखा हुआ है। आशंका है कि इस ट्रक को सिर्फ आतंकियों की घुसपैठ के लिए ही खरीदा गया हो। ट्रक में जो भूसा था, वो भी इस समय पंजाब में ही मिलता है। आशंका है कि इस ट्रक को पंजाब से खरीदकर लाया गया और इसके ऊपर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई। फिलहाल इस पहलू पर जांच हो रही है।
वर्ष 2018 और 2020 में झज्जर कोटली एवं बन टोल प्लाजा पर आतंकी हमले हो चुके हैं। आतंकी इसी तरह ट्रक में ठिकाना बनाकर छुपे हुए थे और तलाशी लेने पर फायरिंग शुरू कर दी गई। बुधवार भी इसी तरह हमला हुआ।
बड़ी साजिश की फिराक में थे आतंकी
नए साल को लेकर पुलिस अलर्ट है। इसी के तहत सिद्धड़ा पुल पर पुलिस और सेना का संयुक्त नाका था। बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने उक्त ट्रक को तलाशी के लिए रोका। उसी समय ट्रक के भीतर से फायरिंग शुरू हो गई और ट्रक चालक इसका लाभ उठाकर भाग गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 4 आतंकियों को ढेर कर दिया। ट्रक चालक की तलाश जारी है। यह आतंकी किस संगठन के थे, आतंकी विदेशी हैं, स्थानीय हैं, यह फिलहाल अभी जांच का विषय है। - मुकेश सिंह, एडीजीपी, जम्मू
सतर्क थे सुरक्षा बल, इसलिए मारे गए आतंकी
आतंकियों का पता लगना और इनका मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता है। कुछ समय पहले ही नरवाल में ट्रक से हथियार मिले थे और तीन आतंकी भी। इसी को लेकर हम अलर्ट थे और इसके चलते यह बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है। -गौरव गौतम, जीओसी, टाइगर डिविजन