जम्मू-कश्मीर में सावन के पहले दिन झमाझम बारिश और खराब मौसमके बाद प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया है। यात्रा दोनों ही मार्गों बालटाल व पहलगाम मार्ग पर मौसम में सुधार होने तक रोकी गई है। मौसम साफ होने के बाद ही यात्रा आरंभ करने पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि वीरवार सुबह जम्मू से 5449 यात्री भगवती नगर आधार शिविर से रवाना किए गए। उधर रियासी में भूस्खलन से पिता-पुत्र की मौत हो गई। जम्मू व कश्मीर दोनों संभागों में तेज बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जम्मू जिले में सबसे ज्यादा 90.4 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई। नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। श्राइन बोर्ड के मुताबिक,बालटाल व पहलगाम मार्ग पर बारिश निरंतर जारी है। बारिश के दौरान अकसर मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर एहतियातन यात्रा को दोनों मार्गों पर स्थगित कर दिया गया है। मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को रास्ते में बनाए गए विभिन्न बेस कैंप में ही रुकने की हिदायत दी गई है।
जम्मू संभाग में सुबह से ही आसमान पर बादल गहरा गए थे। साढ़े आठ बजे के करीब जोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जोकि दोपहर तक जारी रहा। बारिश के कारण जम्मू संभाग के कई जिलों में तापमान में दस डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में भी तापमान में आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। जम्मू जिले के कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
रियासी जिले में बुधवार की रात अरनास इलाके के थिल्लू-कलाड गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से मोहम्मद शफी (65) और उनके बेटे अब्दुल राशिद (30) की मौत हो गई। दोनों घर जाते समय भूस्खलन की चपेट में आ गए। दोनों के शवों को मलबे से निकाल लिया गया है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों व मछुआरों से चिनाब व तवी नदी के किनारे नहीं जाने के निर्देश दिए हैं। नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 201 वाहनों में कुल 5,449 तीर्थयात्री यहां भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए। इन श्रद्धालुओं में से 1,666 पुरुष, 536 महिलाएं, 43 बच्चे बालटाल आधार शिविर के लिए 61 वाहनों में तड़के तीन बजकर 20 मिनट पर सबसे पहले रवाना हुए। इसके बाद 3,783 तीर्थयात्री सुबह चार बजकर 20 मिनट पर 140 वाहनों में पहलगाम के लिए रवाना हुए, जिनमें से 702 महिलाएं, 103 साधु और 54 बच्चे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार प्रदेश में अगले 24 घंटो में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हालांकि भारी बारिश के आसार नहीं हैं।