जम्मू-कश्मीर पुलिस चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (फेशियल रिकोग्नीशन टेक्नोलॉजीएफआरटी) लाने की तैयारी में है। इससे 10 हजार लोगों की जानकारियों से जुड़ा डेटाबेस तैयार होगा। 200 सीसीटीवी के साथ उक्त प्रणाली को शुुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से पुलिस को संदिग्ध लोगों को काली सूची में डालने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
जानकारी के अनुसार पुलिस अपने मौजूदा निगरानी ढांचे, भौगोलिक सूचना प्रणाली और अन्य के साथ इस सिस्टम को जोड़ेगी। इस सिस्टम के तहत पुलिस भीड़ पर नजर रख सकती है। यहां तक कि भीड़ में मौजूद लोगों की संख्या और उनके जेंडर का पता लगाया जा सकेेगा। इससे भीड़ की संख्या का अनुमान लगाया जा सकेगा। भीड़ में अचानक आने वाले शख्स की पहचान, यहां तक कि भीड़ से पथराव करने वालों की पहचान भी हो सकती है।
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पुलिस मुख्यालय की ओर से इसे लेकर कैमरे लगाने की तैयारी है। इसको लेकर एक टेंडर भी जारी किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इसके ऊपर काम हो सकता है। बता दें कि कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने में इससे मदद मिलेगी। खासकर संदिग्ध लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर सकेगी।