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Engineer Rashid : तिहाड़ जेल में बंद इंजीनियर रशीद ने ली सांसद पद की शपथ, बारामुला से जीता था लोकसभा चुनाव

Fri, 05 Jul 2024 05:36 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जेल में बंद कश्मीरी नेता इंजीनियर रशीद सांसद के रूप में शपथ ली। इंजीनियर रशीद जम्मू कश्मीर की बारामुला सीट से लोकसभा चुनाव जीता है। वह इस सीट से आजाद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। उन्होंने उमर अब्दुल्ला को हराया था।
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इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू कश्मी की बारामुला सीट से विजयी हुए इंजीनियर रशीद आज लोकसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ले ली है। वह अभी आतंकी फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।  जेल में रह कर ही उन्होंने चुनाव लड़ा था। 

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दो जुलाई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की सहमति के बाद रशीद को पैरोल दी। उन्हें अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिनमें से मीडिया से बातचीत न करना भी शामिल है। 

रशीद ने शपथ लेने और अपने संसदीय कार्यों को करने के लिए अंतरिम जमानत या वैकल्पिक रूप से हिरासत में पैरोल की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था। अदालत ने 22 जून को मामले को स्थगित कर दिया था और एनआईए से अपना जवाब दाखिल करने को कहा था। 
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आतंकी फंडिंग मामले में जेल में बंद है रशीद

इंजीनियर रशीद के नाम से मशहूर शेख अब्दुल रशीद आतंकी फंडिंग मामले में 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है। जेल में रहकर ही उन्होंने उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट से चुनाव लड़ा था और इस सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज की थी। इंजीनियर रशीद ने उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन को हराया था। 

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रशीद ने दो लाख से अधिक वोटों से उमर को हराया

रशीद ने बारामुला सीट पर 4,72,481 वोट हासिल किए थे। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को 2,04,142 वोटों के अंतर से हराया। उमर को 2,68,339 वोट मिले। वहीं, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन को 1,73,239 मत प्राप्त हुए थे। बारामुला सीट पर सीधे तौर पर मुकाबला अब्दुल्ला और लोन के बीच माना जा रहा था, लेकिन जैसे ही रशीद मैदान में उतरे, तो बारामुला में हवा बदल गई। 

कौन है इंजीनियर रशीद

रशीद ने आवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह दो बार विधायक रह चुके हैं। अपना राजनीतिक करियर वर्ष 2008 में शुरू किया था। एक निर्माण इंजीनियर के रूप में अपनी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सियासत शुरू की। महज 17 दिनों के अभियान के बाद उन्होंने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा शहर में लंगेट की निर्वाचन सीट जीत ली थी। पहली बार उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता है।
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