डॉ. जितेंद्र सिंह
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जम्मू-कश्मीर कोटे से मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा उन्हें विज्ञान व प्रौद्योगिकी व भू विज्ञान का स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री, डीओपीटी, परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष के राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोदी 2.0 में भी उनके पास यही मंत्रालय थे।
इसके अलावा कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रभारी मंत्री के रूप में वह मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के सभी महत्वपूर्ण प्रमुख संस्थान की देखरेख करने वाले मंत्री भी होंगे।
डीओपीटी से संबद्ध सभी महत्वपूर्ण एजेंसियों के प्रशासनिक कामकाज की भी देखरेख करेंगे, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी), केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) शामिल हैं। वह भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने रहेंगे।
पिछले कार्यकाल में नौकरी चयन में साक्षात्कार को समाप्त करना, डीओपीटी में रोजगार मेला और मिशन कर्मयोगी, अपने संबंधित राज्य कैडर में जाने से पहले आईएएस अधिकारियों के लिए सहायक सचिव प्रशिक्षण की शुरुआत, विशेष रूप से तलाकशुदा बेटियों, लापता कर्मचारियों और दिव्यांगों के लिए पेंशन सुधारों की शृंखला शामिल है।
लगातार तीन बार केंद्रीय मंत्री बनने वाले पहले डोगरा नेता
केंद्रीय कैबिनेट में लगातार तीसरी बार शामिल होकर डॉ. जितेंद्र सिंह पहले डोगरा राजनेता बन गए हैं। इससे पहले डॉ. कर्ण सिंह 1967 से 1977 तक लगातार दो बार मंत्री रहे थे। फिर उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। तीन साल बाद वे फिर से चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री बने थे।