अरनिया। करीब एक सप्ताह से मौत से जंग लड़ रहे झुलसे श्रमिक ने सोमवार रात को दम तोड़ दिया। जम्मू श्रम कार्यालय परिसर में खुद को आग लगाकर 70 फीसदी तक झुलस चुके अरनिया के कमल कुमार की जीएमसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। लेकिन इस मामले की जांच सात दिन बाद भी कागजों में ही अटकी है। श्रम विभाग को अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपनी थी, लेकिन विभाग अपनी जांच पूरा नहीं कर सका है। जांच अधिकारी ने अतिरिक्त समय मांगा है।
अरनिया क्षेत्र के लोगों और पार्षद ने मौत के लिए भ्रष्टाचारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। कमल के परिवार वालों ने निष्पक्ष जांच कर इंसाफ की मांग की है। 16 नवंबर को वार्ड-पांच निवासी कमल कुमार पुत्र दीवान चंद अपना श्रमिक कार्ड नवीनीकरण के लिए अतिरिक्त आयुक्त कार्यालय में गया था। मगर उस दिन उसने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली थी, जिससे वह 70 प्रतिशत जल गया था। उसका उपचार जीएमसी जम्मू में चल रहा था। सोमवार देर रात को उसकी जीएमसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। कमल का शव गांव में पहुंचते ही घर में मातम छा गया।
वार्ड के पार्षद कैलाश सैनी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दिनों हर विभाग में रिश्वतखोरी बढ़ चुकी है। कोई भी विभाग किसी का भी समय पर काम नहीं करता है। उल्टा उससे काम के बदले रिश्वत के तौर पर मोटी रकम मांगी जाती है। अगर कमल कुमार का कार्ड का नवीनीकरण कर दिया गया होता तो आज इस गरीब की मौत नहीं हुई होती। वहीं कमल के छोटे भाई राज व पत्नी सीमा देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने इसकी निष्पक्ष जांच कर इंसाफ दिलाने की मांग की है। मृतक कमल (45) की एक बेटी (16) व दो बेटे (18,19) के हैं, जिनके सिर से बाप का साया उठ गया है।
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प्रत्यक्षदर्शियों से अपने बयान
दर्ज करवाने की अपील
जम्मू। श्रम विभाग ने अतिरिक्त श्रम आयुक्त जम्मू विनिशका कौल को जांच अधिकारी बनाया है। इस मामले में श्रम विभाग को एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन जांच अभी भी अधूरी है। जांच अधिकारी ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों से लिखित में जवाब मांगा था। इसके बाद विभाग ने 22 नवंबर को सार्वजनिक नोटिस जारी कर इस घटना के संबंध में जानकारी रखने वाले आम लोगों से बयान दर्ज करवाने की अपील की है। बता दें कि मंगलवार 16 नवंबर को श्रमिक ने आत्मदाह करने की कोशिश की और मंगलवार (23 नंवबर) के ही दिन उसकी मौत हो गई।