केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने किरू जलविद्युत परियोजना में रिश्वत मामले में 15 स्थानों पर छापा मारा। सीबीआई ने दिल्ली में 14 और किश्तवाड़ में एक स्थान पर दबिश दी। जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा मामला एजेंसी को सौंपे जाने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की।
सीबीआई के जम्मू, चंडीगढ़ और दिल्ली कार्यालयों की कई टीमों ने एएस केमिकल इंडस्ट्री, राज केमिकल इंडस्ट्री, कन्हैया एंटरप्राइजेज और राज सॉल्वेंट सहित विभिन्न कंपनियों के परिसरों पर छापेमारी की। नई दिल्ली में प्रीतम विहार, त्रि नगर, लाजपत नगर, वसंत विहार और सरस्वती विहार में इन फर्मों के निदेशकों और लेखाकारों के आवासों और कार्यालयों की तलाशी ली गई।
छापे के दौरान, सीबीआई ने रासायनिक कंपनियों से जुड़े निदेशकों और लेखाकारों के घरों और कार्यालयों से दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और लगभग 55 लाख रुपये नकद जब्त किए।
किश्तवाड़ में सीबीआई ने इंजीनियर ऋषि शर्मा के आवास और कार्यालय की तलाशी ली, जो किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट में जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते है। तलाशी के दौरान लगभग 55 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और दस्तावेज बरामद किए गए।
2019 में किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए 2200 करोड़ रुपये के सिविल कार्य का ठेका देने में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में रविवार की छापेमारी पांचवें दौर की तलाशी थी। सीबीआई ने इससे पहले 2022 में 21 अप्रैल और 6 जुलाई को इसी तरह के ऑपरेशन किए थे। , और 17 मई और 2 दिसंबर 2023 में तलाशी ली।