जांच में पता चला कि आमिर लश्कर-ए-तैयबा के बारामुला निवासी सक्रिय आतंकवादी हिलाल शेख के संपर्क में था। जांच के दौरान और लोन के खुलासे पर यह बात सामने आई कि सीर हमदान निवासी ओवैस अहमद शकाज नाम का एक अन्य आतंकवादी सहयोगी इंटरनेट प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी की मदद से आईईडी बनाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
इस सूचना के आधार पर अहमद को गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच में दो और आतंकवादी सहयोगियों की संलिप्तता का पता चला, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान पुलवामा के राजपोरा निवासी सुहैब मुजफ्फर काजी और तारिक डार के रूप में की।
मददगार से ग्रेनेड बरामद
प्रवक्ता ने कहा कि काजी पुलवामा के सक्रिय आतंकवादी आकिब डार लश्कर-ए-तैयबा के सीधे संपर्क में था, जिसने सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए उसे एक हथगोला भी दिया था। ग्रेनेड को उसके बताने पर बरामद किया गया था। उन्होंने कहा कि डार कुलगाम के असलम डार नामक एक अन्य सक्रिय आतंकवादी के संपर्क में पाया गया था और उक्त आतंकवादी को रसद सहायता प्रदान कर रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।