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सियासत: किंगमेकर बनेंगे 24 सीटों के एससी वोटर, राजनीतिक दलों ने जमाई नजरें; रिस्क नहीं लेना चाहते दल

Sat, 24 Aug 2024 01:23 PM IST
शाहरुख खान अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू

सार

जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर जिलों में 20 से 25 फीसदी वोटर एससी समुदाय के हैं। आरक्षित सात सीटों पर 50 फीसदी से अधिक एससी वोटर हैं। नई आरक्षित सीटों पर उम्मीदवार तलाशने में पसीने छूट रहे हैं। कोई भी दल रिस्क नहीं लेना चाहता।
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jammu kashmir assembly election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति जनजाति के वोटर अहम भूमिका में हैं। जिन पर तमाम राजनीतिक दलों की नजर है। खासकर आरक्षित हो चुकी 7 सीटों पर। इन आरक्षित सीटों पर राजनीतिक दलों को उम्मीदवार तलाशने में खूब जोर लगाना पड़ रहा है। 
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100 फीसदी जीत की गारंटी रखने वाले उम्मीदवारों को लेकर मगजमारी की जा रही है। दरअसल, इन 7 सीटों को मिलाकर जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर की कुल 24 सीटों में भी एससी उम्मीदवार दलों के लिए एक्स फैक्टर है। क्योंकि 24 सीटों में 17 पर 25 से 30 फीसदी एससी वोटर हैं।

जानकारी के अनुसार जम्मू में सुचेतगढ़, मड़, अखनूर और बिश्नाह, सांबा में रामगढ़, कठुआ में कठुआ, उधमपुर में रामनगर सीट एससी आरक्षित है। ये सीटें पहले ओपन थी। जहां कांग्रेस, भाजपा मुख्य रूप से जीत दर्ज करती आई है। इन सीटों पर बड़े नेता भी जनरल कैटेगरी के रहे हैं। 
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अब जबकि सीटें आरक्षित हैं तो उम्मीदवार तलाश करने में खूब जोर लगाना पड़ रहा है। पार्टियां दूसरे क्षेत्रों के उम्मीदवारों को ढूंढ रही हैं। भाजपा कई चर्चित चेहरों को इन सीटों पर उतारना चाहती है, ताकि जीत दर्ज कर सके। वहीं कांग्रेस भी पुराने एससी नेताओं को साथ जोड़ रही है, ताकि जीत सके। बता दें कि एससी समुदाय में 13 जातियां शामिल हैं।

जीत दर्ज करने वाले चेहरे की तलाशेंगी पार्टियां
रोटेशन में सीटें आरक्षित होती हैं। हर दल कोशिश करता है कि वह जीतने वाला ही उम्मीदवार उतारे। इसलिए राजनीतिक दल जोर लगा रहे हैं कि आरक्षित सीट पर जीत दर्ज करने वाला ही उम्मीदवार तलाशा जाए। रही बात अन्य जिलों की सीटों पर 20 से 25 फीसदी एससी वोटर की तो इसमें पार्टियों के लिए उम्मीदवार का चेहरा निर्भर करेगा। क्योंकि ये वोट बंटेगा। ऐसे में हर समुदाय के बीच अच्छी पैठ रखने वाला उम्मीदवार एससी वोट हासिल कर सकता है। -बलजीत सिंह मान, एचओडी, पालिटीकल विभाग, जम्मू यूनिवर्सिटी

50 फीसदी से अधिक वोटर वाली सीटें

रामनगर: कुल वोटर 96779
कठुआ : कुल वोटर 108666
रामगढ़: कुल वोटर 88597
बिश्नाह: कुल वोटर 119782
सुचेतगढ़: कुल वोटर 112819
मड़: कुल वोटर 93300
अखनूर: कुल वोटर 95265
 

20 से 25 फीसदी एससी वोट वाली सीटें
आरएस पुरा जम्मू: 129092
बाहु: 120693
जम्मू ईस्ट: 106877
जम्मू वेस्ट: 105852
जम्मू नार्थ: 111228
नगरोटा: 95573
छंब: 105672
सांबा: 91080
विजयपुर: 80536
बिलावर: 94651
बनी: 57999
बसोहली: 69282
जसरोटा: 86753
हीरानगर: 87939
उधमपुर वेस्ट: 115655
उधमपुर ईस्ट: 100690
चिनैनी: 109174

नौकरशाहों पर भाजपा की नजर
सूत्रों का कहना है कि भाजपा एससी आरक्षित सीटों पर पूर्व नौकरशाहों को अपनी पसंद बना रही है। जम्मू के बिश्नाह, सुचेतगढ़, मड़ और अखनूर में एक पूर्व विधायक समेत तीन अन्य नौकरशाहों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। पूर्व विधायक भी नौकरशाह रह चुके हैं। भाजना प्रभावी चेहरों और नौकरशाहों पर दांव खेलकर एससी वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रही है।

 

कांग्रेस, एनसी का डबल प्लान
कांग्रेस एससी आरक्षित सीटों पर युवा और पुराने दोनों ही लोगों को लेकर मंथन कर रही है। आरक्षित सीटों पर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। आरएस पुरा और सुचेतगढ़ में तो कांग्रेस ने बढ़त हासिल की। सूत्रों का कहना है कि आरएस पुरा, मड़, सुचेतगढ़ में पार्टी युवा चेहरों का चयन कर सकती है। जबकि अखनूर में पुराना चेहरा लगाया जा सकता है।

 

बसपा भी टक्कर देने की तैयारी में
बहुजन समाज पार्टी का एससी वोट पर हमेशा ही प्रभाव रहा है। आरएस पुरा, विजयपुर, कठुआ जैसे पूर्व में आरक्षित रही सीटों पर बहुजन समाज पार्टी जीत दर्ज कर चुकी है। ऐसे में पार्टी आरक्षित सीटों पर प्रभावी उम्मीदवार उतारने की कोशिश में है।

 
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पीडीपी की युवा चेहरों पर नजर
आरक्षित सीटों पर पीडीपी युवा चेहरों की तलाश में है। हालांकि पार्टी की इन क्षेत्रों में कोई इतना जनाधार नहीं है। बावजूद इसके पार्टी टक्कर देने के लिए एससी समुदाय के युवा और प्रभावी चेहरे तलाश रही है।

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